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जेल जाने पर भी सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं हुई

Fri, 27 Apr 2018 01:13 AM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:13 AM IST
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जेल जाने पर भी सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं हुई
बागपत। दहेज उत्पीड़न के मामले में दस दिन जेल में बंद रहने के बाद भी यूपी पुलिस के कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। सिपाही की पत्नी ने एसपी से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सिपाही के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह एसपी दफ्तर पर आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएगी।
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निरपुड़ा गांव निवासी विजय कुमार की बेटी हेमा की शादी चार साल पहले शामली जनपद के एलम गांव निवासी विजय से हुई । विजय यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और हाल में बागपत में डायल 100 गाड़ी पर ड्यूटी चल रही है। हेमा ने एसपी जय प्रकाश को बताया कि तीन साल से पति के खिलाफ बागपत न्यायालय में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा है। 7 नवंबर 2016 को दहेज उत्पीड़न के मामले में सिपाही जेल गया था। दस दिन तक जिला कारागार में बंद रहा। सिपाही ने विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी। विभाग द्वारा नियमानुसार सिपाही को निलंबित करने की भी कार्रवाई नहीं की। पांच अप्रैल 2018 को हेमा अपनी ससुराल एलम में सामान लेने गई । ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और पति ने मारने की धमकी दी । इसका मुकदमा कांधला थाने में दर्ज कराया । उसने जेठ पर भी गलत नजर रखने का आरोप लगाया। उसने बताया कि पति कभी भी उसकी हत्या करा सकता है। महिला ने कहा यदि सिपाही के खिलाफ विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह एसपी दफ्तर पर आत्मदाह कर लेगी। उधर, एसपी ने बताया कि जिस समय सिपाही जेल गया था, तब वह मेरठ जनपद में तैनात था। उसी दौरान उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी। अब उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है।
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