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क्राइम ब्रांच की टीम के हत्थे चढ़े नशे के सौदागर

Wed, 17 Oct 2018 01:17 AM IST
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:17 AM IST
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क्राइम ब्रांच की टीम के हत्थे चढ़े नशे के सौदागर
बड़ौत (बागपत)। क्राइम ब्रांच की टीम ने दो युवकों को प्रतिबंधित इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से पेटाजोशिन नामक इंजेक्शन भारी मात्रा मेें मिले हैं, जिनकी कीमत पांच लाख रुपये बताई जा रही है।
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क्राइम ब्रांच के प्रभारी उमेश रोरिया को सूचना मिली कि मुजफ्फरनगर से बाइक पर दो युवक प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन भारी मात्रा में लेकर बड़ौत आ रही है। उन्होंने क्राइम ब्रांच के एसई कर्मवीर, विनीत पांडेय, मनोज कुमार व अन्य टीम के सदस्यों के साथ दिल्ली हाईवे पर चेकिंग की तो बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए जो पेटियां लिए हुए थे। टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। उन्होंने अपना नाम जावेद पुत्र शौकीन निवासी जौनमाना, सौरभ सिंघल पुत्र धनप्रकाश सिंघल नया बास जनपद मुजफ्फरनगर बताया। उनके पास से 4800 अवैध इंजेक्शन मिले हैं, जिनकी कीमत पांच लाख रुपये बताई गई है, उनके पास से 54 हजार की नगदी भी बरामद हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोग मुजफ्फरनगर से इंजेक्शन खरीदकर ला रहे थे, जो बागपत में विभिन्न स्थानों पर मेडिकल स्टोर पर सप्लाई करने थे। इस संबंध में उमेश लोरिया ने कोतवाली में एनडीपीएस की धाराओं 8/21/22 में मामला दर्ज कराया।
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अस्पताल में नहीं रख सकते 50 से अधिक इंजेक्शन
बड़ौत। क्राइम ब्रांच के प्रभारी उमेश रोरिया ने बताया कि ये इंजेक्शन गाजियाबाद व नोएडा में बनाए जाते हैं। ये इंजेक्शन ऑपरेशन से पहले लगते हैं। इन्हें रखने का लाइसेंस 250 के लगभग है, जबकि अस्पतालों में 50 से अधिक नहीं रख सकते। बताया कि ये लोग नशे के आदी छात्र-छात्राओं को स्कूल के बाहर भी बेचते हैं। उन्होंने जहां इंजेक्शन की सप्लाई करते हैं, उनके नाम भी बताए।
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हार्ट अटैक में अधिक दर्द होने पर होता है इस्तेमाल
बड़ौत। नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल ने बताया कि पेटाजेशियन इंजेक्शन लगातार लगाने से व्यक्ति नशे का आदी बन जाता है, आमतौर पर इस इंजेक्शन का इस्तेमाल उस समय करते हैं, जब हार्ट अटैक आने पर अत्यधिक होता है और वह नहीं रुकता। वहीं इसका इस्तेमाल हल्के नशे के लिए आपरेशन में भी किया जाता है, लेकिन आजकल नशा करने वाला व्यक्ति इसका इस्तेमाल करते हैं और आदी हो जाने पर वह फिर इसके बिना नहीं रह सकता और शारीरिक स्थिति बिगड़ती चली जाती है।
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