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सरूरपुर में चुनरी के फंदे पर लटका मिला मासूम
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बागपत। कोतवाली क्षेत्र के सरूरपुर कलां गांव में कक्षा दो का छात्र संदिग्ध हालात में चुनरी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने उसे फंदे से उतारा और डॉक्टर के यहां लेकर गए। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। संभावना जताई जा रही है कि दरवाजे पर बांधी गई चुनरी खेल-खेल में मासूम के गले में लिपट गई। इससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद गांव में गम का माहौल है। परिजनों ने मासूम के शव को दफना दिया। पुलिस ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली। परिजनों ने कार्रवाई से इंकार कर दिया है।
सरूरपुर निवासी अनुसूचित जाति का ईश्वर सिंह गांव में ही इलेक्ट्रानिक की दुकान चलाता है। उसकी पत्नी सुनीता गांव के एक स्कूल में सफाई कर्मचारी है। सोमवार को दोपहर के समय दिव्यांश (08) पुत्र ईश्वर मकान की पहली मंजिल पर खेल रहा था। उसकी बहन आरती ने करीब दो बजे ऊपर जाकर देखा तो कमरे के दरवाजे में बंधी चुनरी में दिव्यांश के गले में लिपटी हुई थी और दिव्यांश लटका हुआ था। आरती ने परिजनों को सूचना दी। परिवार के लोग दिव्यांश को लेकर बड़ौत स्थित नर्सिंग होम पहुंचे, जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। मासूम की मौत से गांव में गम का माहौल बन गया। परिजनों ने गणमान्य लोगों की मौजूदगी में शव को दफना दिया। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह पुलिस के साथ देर शाम गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों ने किसी भी कार्रवाई से इंकार कर दिया।
सवाल छोड़ गई मासूम की मौत
बागपत। मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे के दरवाजे में चुनरी बंधी हुई मिली है। आशंका है कि दिव्यांश इस चुनरी पर लटककर चारों और घूम रहा होगा। घूमते हुए चुनरी उसके गले में फंदा बन गई, जिस कारण उसकी मौत हुई है। सवाल है कि चुनरी दरवाजे में किसने और कब बांधी। वारदात के बाद गांव में तरह तरह की चर्चाएं फैल गई। जिस वक्त यह घटना हुई, मासूम घर में अकेला था। स्कूल से आने के बाद उसकी बहन भी घर के पिछले दरवाजे से घर में पहुंची थी। अगर घर का दरवाजा बंद था तो दिव्यांश घर में कैसे पहुंचा। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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शिकायत नहीं मिली, कराई जा रही जांच : एसपी
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कहा कि परिजनों या ग्रामीणों ने किसी तरह की शिकायत नहीं की है। पुलिस को गांव में भेजकर मामले की असलितय पता कराई जा रही है, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सरूरपुर निवासी अनुसूचित जाति का ईश्वर सिंह गांव में ही इलेक्ट्रानिक की दुकान चलाता है। उसकी पत्नी सुनीता गांव के एक स्कूल में सफाई कर्मचारी है। सोमवार को दोपहर के समय दिव्यांश (08) पुत्र ईश्वर मकान की पहली मंजिल पर खेल रहा था। उसकी बहन आरती ने करीब दो बजे ऊपर जाकर देखा तो कमरे के दरवाजे में बंधी चुनरी में दिव्यांश के गले में लिपटी हुई थी और दिव्यांश लटका हुआ था। आरती ने परिजनों को सूचना दी। परिवार के लोग दिव्यांश को लेकर बड़ौत स्थित नर्सिंग होम पहुंचे, जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। मासूम की मौत से गांव में गम का माहौल बन गया। परिजनों ने गणमान्य लोगों की मौजूदगी में शव को दफना दिया। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह पुलिस के साथ देर शाम गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों ने किसी भी कार्रवाई से इंकार कर दिया।
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सवाल छोड़ गई मासूम की मौत
बागपत। मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे के दरवाजे में चुनरी बंधी हुई मिली है। आशंका है कि दिव्यांश इस चुनरी पर लटककर चारों और घूम रहा होगा। घूमते हुए चुनरी उसके गले में फंदा बन गई, जिस कारण उसकी मौत हुई है। सवाल है कि चुनरी दरवाजे में किसने और कब बांधी। वारदात के बाद गांव में तरह तरह की चर्चाएं फैल गई। जिस वक्त यह घटना हुई, मासूम घर में अकेला था। स्कूल से आने के बाद उसकी बहन भी घर के पिछले दरवाजे से घर में पहुंची थी। अगर घर का दरवाजा बंद था तो दिव्यांश घर में कैसे पहुंचा। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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शिकायत नहीं मिली, कराई जा रही जांच : एसपी
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कहा कि परिजनों या ग्रामीणों ने किसी तरह की शिकायत नहीं की है। पुलिस को गांव में भेजकर मामले की असलितय पता कराई जा रही है, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।