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जान जोखिम में डाल ट्रेन की खिड़कियां पर लटक कर सफर कर रहे यात्री
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:18 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री ट्रेनों की खिड़कियां पर लटक कर जान जोखिम में डाल सफर कर रहे हैं, लेकिन सामने से ट्रेन गुजरने के बाद भी रेलवे और जीआरपी मूकदर्शक बनी है। इससे आम यात्रियों में रेलवे के खिलाफ आक्रोश पनपता जा रहा है।
रेलवे पुलिस और जीआरपी के स्थानीय अफसरों की लापरवाही के कारण कुछ यात्री चलती ट्रेन में एक डब्बे से दूसरे डब्बे पर छलांग तक मारते नजर आते हैं। साथ ही छतों पर जगह न मिलने के कारण फिल्मी स्टाइल में जान जोखिम में डालकर खिड़कियां पर लटक कर सफर करते हैं। इन्हीं कारणों के चलते आए दिन इस रेल मार्ग पर यात्रियों के साथ हादसा होना आम बात हो गई है। वहीं आम यात्रियों मेें इसको लेकर आक्रोश पनप रहा है। यात्रियों ने कहा दर्जनों बार इस संबंध में विभागीय अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में जीआरपी थाना प्रभारी सुखपाल ने कहा प्रतिदिन इसके लिए अभियान चलाया जाता है। लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है।
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दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री ट्रेनों की खिड़कियां पर लटक कर जान जोखिम में डाल सफर कर रहे हैं, लेकिन सामने से ट्रेन गुजरने के बाद भी रेलवे और जीआरपी मूकदर्शक बनी है। इससे आम यात्रियों में रेलवे के खिलाफ आक्रोश पनपता जा रहा है।
रेलवे पुलिस और जीआरपी के स्थानीय अफसरों की लापरवाही के कारण कुछ यात्री चलती ट्रेन में एक डब्बे से दूसरे डब्बे पर छलांग तक मारते नजर आते हैं। साथ ही छतों पर जगह न मिलने के कारण फिल्मी स्टाइल में जान जोखिम में डालकर खिड़कियां पर लटक कर सफर करते हैं। इन्हीं कारणों के चलते आए दिन इस रेल मार्ग पर यात्रियों के साथ हादसा होना आम बात हो गई है। वहीं आम यात्रियों मेें इसको लेकर आक्रोश पनप रहा है। यात्रियों ने कहा दर्जनों बार इस संबंध में विभागीय अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में जीआरपी थाना प्रभारी सुखपाल ने कहा प्रतिदिन इसके लिए अभियान चलाया जाता है। लापरवाही जैसी कोई बात नहीं है।
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