कोर्ट ने 11 पुलिसवालों को भेजा नोटिस
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खेकड़ा निवासी जयवीर सिंह 16 मई 1999 में रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था। परिजनों ने उसे काफी तलाश किया, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया था। 16 जून 1999 को खेकड़ा थाना में गुमशुदगी दर्ज हुई थी। बाद में मृतक की लाश बरामद हुई था। पुलिस ने इस मामले में छपरौली के रूपेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया था। परिजनों ने पुलिस पर रूपेंद्र को हिरासत में रखकर यातनाएं देने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी।
आयोग की टीम जांच करने के लिए बागपत कोतवाली में आई थी। जांच रिपोर्ट में रूपेंद्र को हिरासत में रखना पाया गया था। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया तो तत्कालीन डीजीआई शिवाजी राम ने बागपत कोतवाली का निरीक्षण किया था। इस मामले में खेकड़ा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी लालाराम वर्मा, एसआई दिगंबर सिंह, कांस्टेबल अमित, कांस्टेबल अरुण त्यागी, कांस्टेबल उपेंद्र कुमार, बागपत कोतवाली के प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी, एसआई पीतम सिंह, एसआई महेंद्र सिंह, कांस्टेबल सलीम, कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल कृष्णपाल के खिलाफ (धारा 344,343, 342, 323, 220, 218 आईपीसी) में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में मामला सीबीसीआईडी मेरठ ट्रांसफर हो गया था।
सीबीसीआईडी ने मामले में सीजेएम कोर्ट में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। इस दौरान आरोपी पुलिस कर्मी हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेेते हुए बागपत सीजेएम कोर्ट को मामले की जांच करने के लिए कहा है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बागपत मुकेश कुमार सिंह की कोर्ट ने इस मामले आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ समन जारी कर 26 मई को कोर्ट के सम्मुख पेश होने के आदेश दिए है।