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मुआवजे के लिए कलक्ट्रेट में गरजे किसान

Wed, 01 Jun 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत Updated Wed, 01 Jun 2016 01:11 AM IST
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Compensation for the farmer roared Collectorate
बागपत कलक्ट्रेट परिसर में लेटकर विरोध प्रकट करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
बागपत। कर्ज में डूबे किसान की मौत के बाद परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग के लिए निबाली गांव के किसानों ने कलक्ट्रेट में हंगामा किया। किसानों ने डीएम ऑफिस के सामने लेटकर विरोध जताया। वार्ता के लिए पहुंचे एसडीएम और सीओ के साथ आंदोलनकारियों की नोकझोंक भी हुई। पीड़ित परिवार को बीस लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग के लिए ग्रामीण बसपा विधायक लोकेश दीक्षित के नेतृत्व में भूख हड़ताल पर बैठ गए। दूसरी तरफ किसान के परिवार को इंसाफ नहीं मिलने पर भाकियू ने आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, रात आठ बजे डीएम ने किसानों के बीच पहुंच कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा दी।
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निबाली गांव के किसान जगत सिंह ने 28 मई को जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या की। इस मामले में बैंक मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। मंगलवार को बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर के नेतृत्व में गांव के सैकड़ों किसान दोपहर करीब 12 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने पीड़ित परिवार को बीस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी। डीएम ह्दय शंकर तिवारी दफ्तर में बैठे थे। किसान नाराजगी व्यक्त करने के लिए उनके दफ्तर के सामने लेट गए। एसडीएम राकेश कुमार सिंह और सीओ कर्मवीर सिंह आंदोलनकारी किसानों के बीच पहुंचे। दोनों अधिकारियों से विधायक और किसानों की नोकझोंक हुई। किसानों ने धरने से उठने से मना कर दिया। 
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 इसके बाद दोनों अधिकारी चले गए। लोकेश दीक्षित ने कहाजिला प्रशासन ने इस मामले में पीड़ित परिवार के लिए कोई पहल नहीं की। डीएम दफ्तर के दूसरे दरवाजे से निकलकर ब्राह्मण पुट्ठी में होने वाले कार्यक्रम में चले गए। करीब छह घंटे तक चले धरने प्रदर्शन के बाद सकारात्मक परिणाम नहीं आने के बाद बसपा विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। विधायक ने कहान्याय मिलने तक संघर्ष किया जाएगा। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा, किसान को मुआवजा मिलना चाहिए। 
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इस दौरान कंवर सिंह, राहुल, संजय कुमार, शोभाराम, योगेश प्रधान, सुबोध शर्मा, लीलू सिंह, पंकज धामा, सोनू धामा, करतार सिंह, निखिल धामा, सुभाष, राहुल, विक्रम, सूरज, चौधरी इंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, लगातार बढ़ते हंगामे के देख रात करीब साढ़े आठ बजे डीएम हृदय शंकर तिवारी भूख हड़ताल पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे। डीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग शासन को भेजी जाएगी। जितनी संभव होगी, सहायता कराई जाएगी। बैंक मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। ग्रामीण जो शिकायतें कर रहे हैं, उन पर भी सुनवाई होगी। इसके लिए भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल से किसान समस्याओं पर वार्ता होगी। इसके बाद किसानों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी।


rबैंक प्रबंधक पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
दाहा। कस्बा दोघट के एक व्यक्ति ने कस्बे में स्थित सिंडिकेट बैंक की शाखा के प्रबंधक पर लोन पास करने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। पीड़ित जयभगवान पुत्र मंशीराम दोघट कस्बे का रहने वाला है। मंगलवार को उसने डीएम को भेजे शिकायती पत्र बताया 31 अगस्त 2014 में उसने सिंडिकेट बैंक के शाखा प्रबंधक से आर्थिक तंगी के चलते पांच लाख रुपये के लोन की मांग की थी। मांग पर जांच की और बाद में लोन पास कर दिया। आरोप लगाया अब बैंक प्रबंधक लोन देने के एवज में हजारों रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। विभागीय अफसरों को सैकड़ों शिकायत कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। इस संबंध में बैंक प्रबंधक सिंडिकेट विपिन कुमार तोमर ने आरोप निराधार बताया। उन्होंने कहा उक्त व्यक्ति लोन का पात्र नहीं है।
 
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