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भाजपा नेता की निकली जमीन, कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंपी
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बागपत में दिल्ली रोड पर जमीन पर मालिकाना हक को लेकर चल रहा था विवाद
कमेटी ने भाजपा नेता को सह खातेदार बताते हुए उसका ही कब्जा व एनओसी बताई
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर मेरठ बाईपास के पास स्थित जमीन को लेकर चल रहे विवाद में एडीएम अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में जमीन भाजपा नेता की ही बताई गई है। साथ ही कृषि से आवासीय होने की एनओसी भी भाजपा नेता की ही जारी हुई है, जबकि दूसरे पक्ष की तरफ से अपने हिस्से की जमीन पहले बेच दी गई थी। वे इसी जमीन के दूसरे हिस्से में सह खातेदार बने थे।
दिल्ली रोड पर मेरठ बाईपास के पास स्थित जमीन पर करीब एक महीने पहले भाजपा नेता हरीश चौधरी के निर्माण कार्य शुरू कराने पर विवाद खड़ा हो गया था। इस जमीन को पुराने कस्बे के ध्रुव और पवित्रा ने अपनी बताते हुए हक जताया था। मंत्री के सामने भी मामला उठाया गया था। अधिकारियों पर भी आरोप लगाते हुए धरना दिया गया था। मामला बढ़ता देखकर डीएम राजकमल यादव ने एडीएम अमित कुमार की अध्यक्षता में एसडीएम और तहसीलदार को शामिल करते हुए एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने इस जमीन से संबंधित पुराने रिकार्ड और मौजूदा स्थिति को देखते हुए जांच करके रिपोर्ट सौंपी है। एडीएम अमित कुमार के अनुसार जांच में सामने आया है कि जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ था, वह जमीन हरीश चौधरी के ताऊ भगत सिंह निवासी गोकलपुरी दिल्ली के नाम दर्ज है। जमीन पर शुरूआत से उनका कब्जा और चाहरदीवारी है और उनके नाम ही जमीन कृषि से आवासीय होने की एनओसी करीब पंद्रह साल पहले जारी हुई थी। एडीएम के अनुसार शिकायतकर्ता के परिजनों के नाम दर्ज जमीन को वर्ष 1978 में बेचा जा चुका था और वह दोबारा से जमीन पर अपने भाई के निधन होने पर हिस्सेदार बने थे। इस जमीन को लेकर आगे किसी तरह का विवाद नहीं हो, उसके लिए कमेटी की जांच रिपोर्ट पुलिस के पास भी भेजी गई हैं।
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कमेटी ने भाजपा नेता को सह खातेदार बताते हुए उसका ही कब्जा व एनओसी बताई
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर मेरठ बाईपास के पास स्थित जमीन को लेकर चल रहे विवाद में एडीएम अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में जमीन भाजपा नेता की ही बताई गई है। साथ ही कृषि से आवासीय होने की एनओसी भी भाजपा नेता की ही जारी हुई है, जबकि दूसरे पक्ष की तरफ से अपने हिस्से की जमीन पहले बेच दी गई थी। वे इसी जमीन के दूसरे हिस्से में सह खातेदार बने थे।
दिल्ली रोड पर मेरठ बाईपास के पास स्थित जमीन पर करीब एक महीने पहले भाजपा नेता हरीश चौधरी के निर्माण कार्य शुरू कराने पर विवाद खड़ा हो गया था। इस जमीन को पुराने कस्बे के ध्रुव और पवित्रा ने अपनी बताते हुए हक जताया था। मंत्री के सामने भी मामला उठाया गया था। अधिकारियों पर भी आरोप लगाते हुए धरना दिया गया था। मामला बढ़ता देखकर डीएम राजकमल यादव ने एडीएम अमित कुमार की अध्यक्षता में एसडीएम और तहसीलदार को शामिल करते हुए एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने इस जमीन से संबंधित पुराने रिकार्ड और मौजूदा स्थिति को देखते हुए जांच करके रिपोर्ट सौंपी है। एडीएम अमित कुमार के अनुसार जांच में सामने आया है कि जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ था, वह जमीन हरीश चौधरी के ताऊ भगत सिंह निवासी गोकलपुरी दिल्ली के नाम दर्ज है। जमीन पर शुरूआत से उनका कब्जा और चाहरदीवारी है और उनके नाम ही जमीन कृषि से आवासीय होने की एनओसी करीब पंद्रह साल पहले जारी हुई थी। एडीएम के अनुसार शिकायतकर्ता के परिजनों के नाम दर्ज जमीन को वर्ष 1978 में बेचा जा चुका था और वह दोबारा से जमीन पर अपने भाई के निधन होने पर हिस्सेदार बने थे। इस जमीन को लेकर आगे किसी तरह का विवाद नहीं हो, उसके लिए कमेटी की जांच रिपोर्ट पुलिस के पास भी भेजी गई हैं।
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