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नौकर की तरह व्यवहार करते थे, इसलिए मार डाला

Mon, 13 Sep 2021 11:53 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 11:53 PM IST
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behaved like a servant, so killed
पुलिस गिरफ्त में डॉ. आत्माराम तोमर के हत्यारोपी। - फोटो : ????? ????? ??????
पुलिस ने भाजपा नेता डॉ. आत्मराम तोमर के दोनों हत्यारोपियों प्रवीण व बलराम को किया गिरफ्तार
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पुलिस पूछताछ में प्रवीण बोला, समय पर नहीं देते थे सैलरी व एडवांस, करते थे आना-कानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। गन्ना शोध संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष और जनता वैदिक इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डा. आत्माराम तोमर के दोनों हत्यारोपियों प्रवीण और बलराम को सोमवार की रात कोतवाली पुलिस ने औद्योगिक पुलिस चौकी से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर डॉ. तोमर का मोबाइल और गाड़ी की चॉबी भी बरामद की गई है। पूछताछ में प्रवीण ने बताया कि डॉ. तोमर रिश्तेदार होते हुए भी उसके साथ नौकर की तरह व्यवहार करते थे। समय पर न तो सैलरी देते थे और न ही एडवांस। इसलिए दोस्त के साथ मिलकर हत्या की।
बड़ौत के बिजरोल रोड स्थित आवास पर डॉ. आत्माराम तोमर की 10 सितंबर को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके रिश्तेदार सोंटा गांव निवासी प्रवीण और उसके साथी सांकलपुट्ठी निवासी बलराम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दोनों की करतूत सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई थी। दोनों डॉ. की स्कार्पियो, मोबाइल व एक अन्य कार की चाबी लेकर फरार हो गए थे। बाद में उनकी स्कॉर्पियो को पुलिस ने टयोढ़ी गांव के नीलकंठ महादेव मंदिर के परिसर से बरामद कर लिया था। इसके अलावा हत्या आरोपियों को शरण देने वाले दो आरोपियों में मनमोहन पुत्र वेदप्रकाश निवासी सांकलपुट्ठी थाना चांदीनगर और सुभाष पुत्र धारा निवासी सोंटा थाना बाबरी जनपद शामली को गिरफ्तार कर लिया था।
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सोमवार को मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने प्रवीण और बलराम को औद्योगिक पुलिस चौकी के पास से गिरफ्तार कर लिया। सीओ आलोक कुमार के मुताबिक प्रवीण ने पुलिस पूछताछ में बताया कि रिश्तेदार होते हुए भी डॉ. आत्माराम तोमर उसके साथ नौकर की तरह व्यवहार करते थे। सैलरी व एडवांस मांगने पर आना-कानी करते थे। कभी भी समय पर सैलरी नहीं देते थे। इसलिए योजना बनाकर उनकी हत्या कर दी। सीओ ने बताया कि सात-आठ साल पहले प्रवीण व बलराम एक साथ दिल्ली और अन्य जगहों पर टैक्सी भी चलाया करते थे। तभी से दोनों की पहचान हो गई थी।
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