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Baghpat News: बरनावा का ऐतिहासिक टीला लाक्षाग्रह या कब्रिस्तान फैसले की सुनवाई आज
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-पिछले 53 वर्षों से न्यायालय में चल रहा है वाद, 1970 में हुआ था वाद दायर
फोटो संख्या 5
बिनौली। हिंडन और कृष्णा नदी के संगम पर बसे बरनावा गांव स्थित ऐतिहासिक टीला महाभारत का लाक्षाग्रह है या शेख बदरुउद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान को लेकर 53 वर्षों से न्यायालय में चल रहे वाद पर आज शुक्रवार को कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। फैसले पर दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हैं।
बरनावा के रहने वाले मुकीम खान ने वर्ष 1970 में मेरठ की अदालत में दायर किये वाद में लाक्षाग्रह गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्णदत्त महाराज को प्रतिवादी बनाया था। इसमें मुकीम खान और कृष्णदत्त महाराज दोनों का निधन हो चुका है। दोनों पक्ष से अन्य लोग वाद की पैरवी कर रहे हैं। जिला अलग हो जाने के बाद अब यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम की कोर्ट में चल रहा है। दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने वकीलों की माध्यम से कोर्ट में साक्ष्य भी प्रस्तुत कर रहे हैं। मामले में कोर्ट से मौके का मुआयना कराने की भी अपील की गई। वाद में कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के लिए बीती 31 अगस्त तारीख लगी थी, लेकिन उस दिन कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया। इसके बाद 12 सिंतम्बर को भी कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया और वाद में अगली तारीख 22 सिंतम्बर दे दी। कोर्ट वाद में आज शुक्रवार को अपना फैसला सुना सकता है।
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फोटो संख्या 5
बिनौली। हिंडन और कृष्णा नदी के संगम पर बसे बरनावा गांव स्थित ऐतिहासिक टीला महाभारत का लाक्षाग्रह है या शेख बदरुउद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान को लेकर 53 वर्षों से न्यायालय में चल रहे वाद पर आज शुक्रवार को कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। फैसले पर दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हैं।
बरनावा के रहने वाले मुकीम खान ने वर्ष 1970 में मेरठ की अदालत में दायर किये वाद में लाक्षाग्रह गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्णदत्त महाराज को प्रतिवादी बनाया था। इसमें मुकीम खान और कृष्णदत्त महाराज दोनों का निधन हो चुका है। दोनों पक्ष से अन्य लोग वाद की पैरवी कर रहे हैं। जिला अलग हो जाने के बाद अब यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम की कोर्ट में चल रहा है। दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने वकीलों की माध्यम से कोर्ट में साक्ष्य भी प्रस्तुत कर रहे हैं। मामले में कोर्ट से मौके का मुआयना कराने की भी अपील की गई। वाद में कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के लिए बीती 31 अगस्त तारीख लगी थी, लेकिन उस दिन कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया। इसके बाद 12 सिंतम्बर को भी कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया और वाद में अगली तारीख 22 सिंतम्बर दे दी। कोर्ट वाद में आज शुक्रवार को अपना फैसला सुना सकता है।
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