ए ग्रेड हासिल कर चुके कॉलेज का हाल: लगातार घट रही छात्रों की संख्या, चौपट हो रही पढ़ाई, ये है बड़ी वजह
Baghpat News : सन 1917 में कॉलेज की स्थापना हुई थी और कॉलेज के संस्थापक स्वर्गीय चौधरी दलीप सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी द्वारा किया गया था।
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उत्तर भारत के सबसे पुराने और नैक मूल्यांकित में ए ग्रेड हासिल कर चुके जनता वैदिक डिग्री कॉलेज की साख अब दांव पर है। क्योंकि शिक्षा के मंदिर में अब कई वर्षों से प्रबंध समिति की सियासत की जंग चल रही है। विवाद का असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। जहां कभी पहले कॉलेज में जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, बिहार सहित दूर-दराज से छात्र पढ़ने के लिए आते थे।
वहीं, अब छात्र यहां से मुंह मोड़ रहे हैं। यानी विवाद के चलते यहां पर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या घट रही है। यह हाल तो तब है जब बागपत सांसद, यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष व विधायक के अलावा अन्य कॉलेज के पुरातन छात्र रह चुके हैं। उधर, लगातार पढ़ाई प्रभावित होने से छात्रों में रोष पनपता जा रहा है।
आपको बता दें कि सन 1917 में कॉलेज की स्थापना हुई थी और कॉलेज के संस्थापक स्वर्गीय चौधरी दलीप सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी द्वारा किया गया था। सन् 1920 में पंजीकृत संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। यह कॉलेज मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध है। यहां पर पहले कृषि की पढ़ाई करने के लिए जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, बिहार से पढ़ाई करने के लिए आते थे। मगर अब पिछले कुछ सालों से कॉलेज में प्रबंध समिति का विवाद चला आ रहा है, जिसका असर अब छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। विवाद के चलते लगातार यहां से छात्रों की संख्या घटती जा रही है।
यदि कॉलेज में वर्ष 2023 में छात्रों की संख्या पर ध्यान दें तो यहां पर लगभग 4000 छात्र शिक्षण गृहण कर रहे है, जबकि वर्ष 2022 में छात्रों की संख्या लगभग 4300 और वर्ष 2021 में छात्रों की संख्या तकरीबन 4500 थी। यानी दो साल के अंदर लगभग 500 छात्रों की संख्या घटी है।
ये रहे हैं पुरातन छात्र
बागपत सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के अलावा यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर वेदप्रकाश, विधायक स्वामी ओमवेश सहित अन्य कई प्रसिद्ध लोग कॉलेज के छात्र रह चुके हैं।
नैक मूल्यांकित में ए ग्रेड हासिल कर चुका है कॉलेज
विवि द्वारा कराई जाने वाले नैक मूल्यांकित में जनता वैदिक कॉलेज वर्ष 2012 में ए ग्रेड हासिल कर चुका है। अन्य कई उपलब्धियां भी कॉलेज के नाम पर हैं।
लगातार बदलते जा रहे प्राचार्य, भटक रहा ध्यान
विवादों के चलते कॉलेज में लगातार प्राचार्य भी बदलते जा रहे हैं। जहां कुछ माह पूर्व यहां पर प्रोफेसर डॉ. अरुण सौंलकी प्राचार्य पद पर रहे। वहीं, उनके बाद विवि के कुलपति ने डॉ. रविंद्र सिंह को प्राचार्य बनाकर कॉलेज भेजा, लेकिन अभी तीन से चार दिन पहले फिर प्रबंध समिति ने डॉ. रविंद्र सिंह को निलंबित करते हुए प्रोफेसर डॉ. मदनपाल को प्राचार्य बनाया है। इससे शिक्षण कार्य करा रहे प्रोफेसरों व छात्रों का ध्यान भटक रहा है।
ये बोले छात्र
25 दिनों से बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम सेमेस्टर के लिए दो बार ऑफर लेटर जमा कर दिया है, लेकिन कॉलेज में फैली अव्यवस्था के कारण लिस्ट चस्पा नहीं की गई है। इस कारण प्रवेश भी नहीं हो पा रहा है। - विशाल
कॉलेज में फिलहाल एग्जाम चल रहे हैं और कॉलेज में दो-दो प्राचार्य होने से अव्यवस्थाओं का माहौल बना हुआ है। इस वजह से प्रोफेसर लेक्चर नहीं दे पा रहे। कॉलेज में माहौल खराब होने से पढ़ाई पर बहुत असर पड़ रहा है। - अभिषेक
कॉलेज में प्रबंध समिति के विवाद के चलते आए दिन प्राचार्य बदल रहे हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य करने वाले प्रोफेसरों व छात्रों का भी ध्यान भटक रहा है। पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो रही है। - अमर मान
काफी उम्मीदों के साथ यहां पर दाखिला कराया था, लेकिन कई सालों से चल रहे रहे प्रबंध समिति के विवाद के कारण पूरे कॉलेज पर विपरीत असर पड़ रहा है। पूरी तरह से पढ़ाई व्यवस्था चौपट हो रही है। - लक्ष्य
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जनता वैदिक कॉलेज का विवाद हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। हालांकि कई बार विवाद मेरे सामने आया है। इसे सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हो रहा है। छात्रों के भविष्य को देखते हुए फिर से प्रबंध समिति का विवाद समाप्त कराने का प्रयास किया जाएगा। - सुभाष सिंह एसडीएम बड़ौत
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