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Baghpat: ट्रैक पर इंस्टाग्राम के लिए रील बना रहा युवक ट्रेन से कटा... जानें क्यों नहीं सुन पाया रेल की आवाज
Tue, 18 Feb 2025 12:44 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 18 Feb 2025 12:44 PM IST
सार
ब्राह्मण पुट्ठी में रहकर गूंगा दस साल से मजदूरी कर रहा था। उसे रील बनाकर डालने का शौक था। इसी शौक के चलते उसकी जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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गूंगा की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली शामली रेलमार्ग पर इंस्टाग्राम की रील बना रहा मूकबधिर ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन से कटने से उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव और मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
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ब्राह्मण पुट्ठी के लोगों ने बताया कि गांव के किसान हरीराज भाटी के यहां रहकर एक युवक गूंगा (30) दस साल से मजदूरी कर रहा था, वह मूकबधिर था। युवक बोल और सुन नहीं पाता था, इसलिए ग्रामीण उसे गूंगा कहकर बुलाते थे। बताया कि सोमवार की सुबह गूंगा रेलवे ट्रैक पर जाकर इंस्टाग्राम की रील बनाने लगा, तभी ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
इसका पता चलने पर काफी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। बताया कि गूंगा इंस्टाग्राम पर रील बनाकर अपलोड करता रहता था। पुलिस ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक का मोबाइल भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इसका पता चलने पर काफी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। बताया कि गूंगा इंस्टाग्राम पर रील बनाकर अपलोड करता रहता था। पुलिस ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक का मोबाइल भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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दिल्ली में स्टेशन पर मिला था गूंगा
विद्याराम भाटी ने बताया कि करीब दस साल पहले वे दिल्ली गए थे, वहां पर मूकबधिर युवक उन्हें मिल गया और इशारों में काम दिलाने की गुहार लगाने लगा। इसके बाद वे गूंगे को लेकर ब्राह्मण पुट्ठी आ गए, जो उनके घर में रहकर मजदूरी करता था। अकसर वह मोबाइल में व्यस्त रहता था और मांगने पर भी दूसरे व्यक्ति को अपना मोबाइल नहीं देता था।
विद्याराम भाटी ने बताया कि करीब दस साल पहले वे दिल्ली गए थे, वहां पर मूकबधिर युवक उन्हें मिल गया और इशारों में काम दिलाने की गुहार लगाने लगा। इसके बाद वे गूंगे को लेकर ब्राह्मण पुट्ठी आ गए, जो उनके घर में रहकर मजदूरी करता था। अकसर वह मोबाइल में व्यस्त रहता था और मांगने पर भी दूसरे व्यक्ति को अपना मोबाइल नहीं देता था।