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भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने अरविन्द दांगी का स्वागत
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बड़ौत। चौधरी चौधरी चरण सिंह ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट छपरौली रोड परिसर में बुधवार को सोशल डिस्टेंस के तहत सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर लुहारी गांव के युवा अरविंद दांगी का गर्मजोशी से स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंटकर अरविंद को सम्मानित किया।
इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता चौधरी धर्मपाल सिंह ने की। संचालन भारतीय कृष्णपाल ने किया। समारोह में बुुजुर्गों ने सेना में लेफ्टिनेंट बने अरविंद दांगी पुत्र अंग्रेज चौधरी को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. संजीव आर्य ने कहा कि अरविंद दांगी ने गांव ही नहीं पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने युवाओं को अरविंद से सीख लेकर लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया। इसमें अंग्रेज चौधरी, चौधरी तेजपाल सिंह, चौधरी निर्भय सिंह, चौधरी राजेंद्र सिंह, चौधरी प्रेमपाल सिंह, चौधरी हरीश सिंह, चौधरी संतर पाल सिंह, चौधरी धर्मेंद्र सिंह, सुरेश पाल सिंह, सनोज कुमार उर्फ डब्बू चौधरी, यशवीर सिंह, भीम सिंह आदि रहे।
पहले लक्ष्य बनाएं फिर करें कड़ी मेहनत
बड़ौत। सेना में लेफ्टिनेंट बने अरविंद दांगी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पहले लक्ष्य बनाकर फिर उसी दिशा में कड़ी मेहनत करें। रिजल्ट की चिंता न करें। यह न सोचे की यदि फेल हो गए तो क्या होगा, इससे मनोबल कम होता है। आत्महत्या कायरता का काम होता है, इसलिए समय का सही इस्तेमाल करते हुए बस मेहनत करें। सफलता की पूंजी मेहनत ही है।
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युद्ध कौशल रणनीति में बहुत आगे निकल चुका है भारत - अरविंद
बड़ौत। भारत-चीन की सीमा पर चल रहे विवाद को लेकर अरविंद दांगी ने कहा वर्ष 1962 में चीन के साथ युद्ध हुआ । उन्होंने कहा वर्तमान समय में भारत अब युद्ध कौशल रणनीति में बहुत आगे पहुंच गया है। देश के सैनिक कमजोर नहीं है। भारत की सेना चीन को उसके घर के अंदर जाकर ही मात दे सकती हैं।
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इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता चौधरी धर्मपाल सिंह ने की। संचालन भारतीय कृष्णपाल ने किया। समारोह में बुुजुर्गों ने सेना में लेफ्टिनेंट बने अरविंद दांगी पुत्र अंग्रेज चौधरी को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. संजीव आर्य ने कहा कि अरविंद दांगी ने गांव ही नहीं पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने युवाओं को अरविंद से सीख लेकर लक्ष्य बनाकर कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया। इसमें अंग्रेज चौधरी, चौधरी तेजपाल सिंह, चौधरी निर्भय सिंह, चौधरी राजेंद्र सिंह, चौधरी प्रेमपाल सिंह, चौधरी हरीश सिंह, चौधरी संतर पाल सिंह, चौधरी धर्मेंद्र सिंह, सुरेश पाल सिंह, सनोज कुमार उर्फ डब्बू चौधरी, यशवीर सिंह, भीम सिंह आदि रहे।
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पहले लक्ष्य बनाएं फिर करें कड़ी मेहनत
बड़ौत। सेना में लेफ्टिनेंट बने अरविंद दांगी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पहले लक्ष्य बनाकर फिर उसी दिशा में कड़ी मेहनत करें। रिजल्ट की चिंता न करें। यह न सोचे की यदि फेल हो गए तो क्या होगा, इससे मनोबल कम होता है। आत्महत्या कायरता का काम होता है, इसलिए समय का सही इस्तेमाल करते हुए बस मेहनत करें। सफलता की पूंजी मेहनत ही है।
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युद्ध कौशल रणनीति में बहुत आगे निकल चुका है भारत - अरविंद
बड़ौत। भारत-चीन की सीमा पर चल रहे विवाद को लेकर अरविंद दांगी ने कहा वर्ष 1962 में चीन के साथ युद्ध हुआ । उन्होंने कहा वर्तमान समय में भारत अब युद्ध कौशल रणनीति में बहुत आगे पहुंच गया है। देश के सैनिक कमजोर नहीं है। भारत की सेना चीन को उसके घर के अंदर जाकर ही मात दे सकती हैं।