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सरकारी स्कूलों में सब होंगे पास
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:58 AM IST
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खेकड़ा में बीआरसी पर कक्षा आठ की वार्षिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन करतीं शिक्षिकाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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खेकड़ा। परिषदीय परीक्षा खत्म होने के बाद कापियों का मूल्यांकन कार्य बीआरसी केंद्र में शुरू हो गया। एक विद्यालय की कापियों की दूसरे स्कूल के शिक्षक ंजांच करेंगे । साथ ही किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाएगा।
कक्ष निरीक्षक से लेकर परीक्षा और परीक्षा कॉपी के मूल्यांकन तक सब कुछ बोर्ड की तर्ज पर हुआ। बस अगर कुछ अलग है तो परीक्षा परिणाम, जिसमें परीक्षक किसी परीक्षार्थी को फेल नहीं करेंगे। भले ही परीक्षार्थी ने परीक्षा कापी में कुछ भी न लिखा हो और बगैर लिखे ही परीक्षा कॉपी जमा करा दी हो।
अबकी बार बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देश पर परिषदीय स्कूलों की परीक्षा बोर्ड की तर्ज पर कराई। इसके लिए डायट पर अनुभवी शिक्षकों की टीम द्वारा प्रश्न -पत्र तैयार कराए। जिसे परीक्षा के दिन सभी केन्द्रों पर पहुंचाने के साथ परीक्षा शुरू होने से ठीक 15 मिनट पूर्व प्रश्न पत्र का पैकेट खोला । साथ ही प्रत्येक विद्यालय में एक दूसरे विद्यालय के कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई।
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सभी हेडमास्टरों को जिम्मेदारी दी परीक्षा खत्म होने के ठीक बाद सभी परीक्षार्थियों की कापी पैकेट में रखकर सील कर संबंधित न्याय पंचायत संसाधन केन्द्र में जमा कराए।
अब मूल्यांकन के लिए भी बोर्ड की हूबहू नकल की गई। शनिवार को बीआरसी केंद्र खेकड़ा मे आयोजित मूल्यांकन प्रक्रिया मे विद्यालय के छात्र-छात्राओं की परीक्षा कापियां जांचने की जिम्मेदारी अन्य विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं को सौंपी।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम ने शिक्षकों को असमंजस में डाल दिया। इसमें निर्देश है परिषदीय स्कूल में पढ़नेे वाले किसी भी छात्र-छात्रा को फेल नहीं किया जाएगा। शिक्षकों ने कहा परिषदीय स्कूलों में हुई परीक्षा में काफी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा कापी में बगैर कुछ लिखे ही कापियां जमा करा दी हैं।
ऐसा करने वाले छात्र छात्राओं को आखिर कितने अंक दिए जा सकेंगे। एबीएसए वेदप्रकाश गुप्ता ने बताया परीक्षा देने वाले किसी भी छात्र अथवा छात्राओं को फेल नहीं किया जाएगा। परीक्षा के मूल्यांकन से यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन छात्र किस कैटेगरी का है। परीक्षा के बाद कमजोर छात्रों की पढ़ाई पर अधिक जोर दिया जा सके। और छात्र छात्राओ का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
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कक्ष निरीक्षक से लेकर परीक्षा और परीक्षा कॉपी के मूल्यांकन तक सब कुछ बोर्ड की तर्ज पर हुआ। बस अगर कुछ अलग है तो परीक्षा परिणाम, जिसमें परीक्षक किसी परीक्षार्थी को फेल नहीं करेंगे। भले ही परीक्षार्थी ने परीक्षा कापी में कुछ भी न लिखा हो और बगैर लिखे ही परीक्षा कॉपी जमा करा दी हो।
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अबकी बार बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देश पर परिषदीय स्कूलों की परीक्षा बोर्ड की तर्ज पर कराई। इसके लिए डायट पर अनुभवी शिक्षकों की टीम द्वारा प्रश्न -पत्र तैयार कराए। जिसे परीक्षा के दिन सभी केन्द्रों पर पहुंचाने के साथ परीक्षा शुरू होने से ठीक 15 मिनट पूर्व प्रश्न पत्र का पैकेट खोला । साथ ही प्रत्येक विद्यालय में एक दूसरे विद्यालय के कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई।
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सभी हेडमास्टरों को जिम्मेदारी दी परीक्षा खत्म होने के ठीक बाद सभी परीक्षार्थियों की कापी पैकेट में रखकर सील कर संबंधित न्याय पंचायत संसाधन केन्द्र में जमा कराए।
अब मूल्यांकन के लिए भी बोर्ड की हूबहू नकल की गई। शनिवार को बीआरसी केंद्र खेकड़ा मे आयोजित मूल्यांकन प्रक्रिया मे विद्यालय के छात्र-छात्राओं की परीक्षा कापियां जांचने की जिम्मेदारी अन्य विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं को सौंपी।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम ने शिक्षकों को असमंजस में डाल दिया। इसमें निर्देश है परिषदीय स्कूल में पढ़नेे वाले किसी भी छात्र-छात्रा को फेल नहीं किया जाएगा। शिक्षकों ने कहा परिषदीय स्कूलों में हुई परीक्षा में काफी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा कापी में बगैर कुछ लिखे ही कापियां जमा करा दी हैं।
ऐसा करने वाले छात्र छात्राओं को आखिर कितने अंक दिए जा सकेंगे। एबीएसए वेदप्रकाश गुप्ता ने बताया परीक्षा देने वाले किसी भी छात्र अथवा छात्राओं को फेल नहीं किया जाएगा। परीक्षा के मूल्यांकन से यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन छात्र किस कैटेगरी का है। परीक्षा के बाद कमजोर छात्रों की पढ़ाई पर अधिक जोर दिया जा सके। और छात्र छात्राओ का भविष्य उज्ज्वल हो सके।