{"_id":"5759c8b54f1c1b23049c566e","slug":"550-cusecs-of-water-was-released-into-the-eastern-yamuna-canal","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वी यमन नहर में छोड़ा गया 550 क्यूसेक पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वी यमन नहर में छोड़ा गया 550 क्यूसेक पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
यमुना में छोड़ा गया पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी यमन नहर में पानी छोड़ने को लेकर किसानों के साथ भेदभाव की खबर ‘अमर उजाला’ मेें प्रकाशित होने के बाद 550 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में हर्ष की लहर है। उन्होंने ‘अमर उजाला’ का आभार व्यक्त किया।
पूर्वी यमन नहर में तीन-चार माह से पानी न आने से किसानों की फसल सूखकर बर्बाद हो रही थी। इससे जनपद बागपत के अलावा गाजियाबाद व शामली के किसान भी प्रभावित हो रहे थे। इसे लेकर किसानों ने सिंचाई विभाग के अफसरों से सैकड़ों शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार साहू, जेई वीरपाल पंवार व जिलेदार विजय कुमार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए गंग नहर के अधिशासी अभियंता केएम कंसल को शिकायती पत्र भेजा तो उन्होंने मात्र 200 क्यूसेक पानी छोड़ा। जरूरत 700 क्यूसेक पानी की थी।
विज्ञापन
कुछ दिन तक 200 क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद दोबारा गंग नहर के अफसरों ने पानी बंद कर किया। किसान आंदोलित हुए, लेकिन नतीजा शून्य। पानी छोड़ने को लेकर किसानों के साथ भेदभाव की खबर ‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की।
इससे गंग नहर के अफसरों में हड़कंप मच गया। उन्होंने खबर छपने के बाद होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए तुरत-फुरत में 550 क्यूसेक पानी पूर्वी यमन नहर में छोड़ दिया। इससे अब बागपत, गाजियाबाद, शामली व अन्य जिलों के किसानों को भरपूर मात्रा मेें पानी मिलेगा।
सिंचाई विभाग के जेई वीरपाल पंवार ने बताया कि गंग नहर से 550 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। उधर, नहर में अवैध कुलाबे की शिकायत पर एसडीओ सिंचाई विभाग दिनेश कुमार त्यागी, जिलेदार विजय कुमार, जेई वीरपाल पंवार ने निरीक्षण किया।
विज्ञापन
पूर्वी यमन नहर में तीन-चार माह से पानी न आने से किसानों की फसल सूखकर बर्बाद हो रही थी। इससे जनपद बागपत के अलावा गाजियाबाद व शामली के किसान भी प्रभावित हो रहे थे। इसे लेकर किसानों ने सिंचाई विभाग के अफसरों से सैकड़ों शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार साहू, जेई वीरपाल पंवार व जिलेदार विजय कुमार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए गंग नहर के अधिशासी अभियंता केएम कंसल को शिकायती पत्र भेजा तो उन्होंने मात्र 200 क्यूसेक पानी छोड़ा। जरूरत 700 क्यूसेक पानी की थी।
विज्ञापन
कुछ दिन तक 200 क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद दोबारा गंग नहर के अफसरों ने पानी बंद कर किया। किसान आंदोलित हुए, लेकिन नतीजा शून्य। पानी छोड़ने को लेकर किसानों के साथ भेदभाव की खबर ‘अमर उजाला’ ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की।
इससे गंग नहर के अफसरों में हड़कंप मच गया। उन्होंने खबर छपने के बाद होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए तुरत-फुरत में 550 क्यूसेक पानी पूर्वी यमन नहर में छोड़ दिया। इससे अब बागपत, गाजियाबाद, शामली व अन्य जिलों के किसानों को भरपूर मात्रा मेें पानी मिलेगा।
सिंचाई विभाग के जेई वीरपाल पंवार ने बताया कि गंग नहर से 550 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। उधर, नहर में अवैध कुलाबे की शिकायत पर एसडीओ सिंचाई विभाग दिनेश कुमार त्यागी, जिलेदार विजय कुमार, जेई वीरपाल पंवार ने निरीक्षण किया।