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स्वास्थ्य शिविर में 365 बच्चों की जांच
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:55 AM IST
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बागपत।
नौरोजपुर गुर्जर गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों में शिविर लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। कई भी बच्चा गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं मिला।
नौरोजपुर गुर्जर गांव में एक सप्ताह से बच्चों में गलघोंटू बीमारी फैली हुई है। जिस कारण अब तक चार बच्चों की बीमारी से मौत हो चुकी है। बीमारी से ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुषमा चंद्रा के निर्देश पर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक व दो, कोन्तया पब्लिक स्कूल, आर्या बाल सदन विद्यालय एवं रामपाल गुर्जर के घर पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ केंद्र द्वारा चिकित्साधिक्षक डॉ. विभाष राजपूत की अध्यक्षता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की दो टीमों द्वारा 365 बच्चों की जांच की गई। डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि विद्यालयों में कोई भी बच्चा गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं मिला। शिविर में 49 रोगियों की जांच कर उन्हे निशुल्क दवार्ईयां वितरित की। अधिकतर रोगी खांसी, बुखार, दर्द, एलर्जी से पीड़ित थे। बुखार के लिए 11 रोगियों के रक्त के नमूने जांच के लिए लिए। उन्होने ग्रामीणों को सलाह दी कि अपने घरों में एवं घरों के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखे। गले में दर्द के मरीज ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन न करें। पीने का पानी साफ एवं उबालकर पीए। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करेें। शिविर में डॉ. सुनील, डॉ. कुमार अभिषेक, डॉ. संजीव साहू, अमर सिंह, अश्वनी कुमार आदि उपस्थित रहे।
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नौरोजपुर गुर्जर गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों में शिविर लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। कई भी बच्चा गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं मिला।
नौरोजपुर गुर्जर गांव में एक सप्ताह से बच्चों में गलघोंटू बीमारी फैली हुई है। जिस कारण अब तक चार बच्चों की बीमारी से मौत हो चुकी है। बीमारी से ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है। सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुषमा चंद्रा के निर्देश पर गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक व दो, कोन्तया पब्लिक स्कूल, आर्या बाल सदन विद्यालय एवं रामपाल गुर्जर के घर पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ केंद्र द्वारा चिकित्साधिक्षक डॉ. विभाष राजपूत की अध्यक्षता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की दो टीमों द्वारा 365 बच्चों की जांच की गई। डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि विद्यालयों में कोई भी बच्चा गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं मिला। शिविर में 49 रोगियों की जांच कर उन्हे निशुल्क दवार्ईयां वितरित की। अधिकतर रोगी खांसी, बुखार, दर्द, एलर्जी से पीड़ित थे। बुखार के लिए 11 रोगियों के रक्त के नमूने जांच के लिए लिए। उन्होने ग्रामीणों को सलाह दी कि अपने घरों में एवं घरों के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखे। गले में दर्द के मरीज ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन न करें। पीने का पानी साफ एवं उबालकर पीए। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करेें। शिविर में डॉ. सुनील, डॉ. कुमार अभिषेक, डॉ. संजीव साहू, अमर सिंह, अश्वनी कुमार आदि उपस्थित रहे।
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