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एक लाख का चेक दिया, भूखहड़ताल समाप्त
Updated Wed, 09 May 2018 12:56 AM IST
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दोघट (बागपत)।
कान्हड़ में कैंसर पीड़ित किसान ने किनौनी चीनी मिल के अधिकारियों के आश्वासन पर भूख हड़ताल समाप्त कर दी। मिल अधिकारियों ने किसान को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया और एक लाख रुपये का चेक सौंप दिया। दो लाख रुपये एक सप्ताह में देने का आश्वासन दिया। किसान ने कहा यदि एक सप्ताह में दो लाख रुपये नहीं दिए तो वह फिर से भूखहड़ताल शुरू कर देगा।
सोमवार को कान्हड़ गांव में कैंसर पीड़ित सतीश पुत्र ईश्वर ने गन्ना भुगतान की मांग को लेकर भूखहड़ताल शुरू कर दी थी। किसान के किनौनी चीनी मिल पर नौ लाख रुपये बकाया हैं। चीनी मिल अधिकारियों ने किसान को मनाने का प्रयास किया था, लेकिन किसान का कहना था कि पहले गन्ना भुगतान करो, तभी बात की जाएगी। मंगलवार को फिर वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक मेरठ ऋतु दमन, किनौनी मिल के जीएम कुलदीप राठी गांव में पहुंचे और भूखहड़ताल पर बैठे किसान को एक लाख रुपये का चेक सौंपा। किसान ने यह कहते हुए चेक लेने से इंकार कर लिया कि कैंसर की बीमारी का इलाज कराने के लिए तीन लाख रुपये की जरूरत है। तीन लाख रुपये दे दो, उसके बाद भूखहड़ताल समाप्त की जाएगी।
वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक मेरठ ऋतु दमन ने किसान को आश्वासन दिया कि डीसीओ मेरठ से बात कर दो लाख रुपये का चेक एक सप्ताह में दे दिया जाएगा। इस पर किसान ने भूखहड़ताल समाप्त कर दी। अधिकारियों ने किसान को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। किसान सतीश ने चेतावनी दी कि यदि दो लाख रुपये का चेक एक सप्ताह में नहीं मिला तो वह फिर से भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।
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कान्हड़ में कैंसर पीड़ित किसान ने किनौनी चीनी मिल के अधिकारियों के आश्वासन पर भूख हड़ताल समाप्त कर दी। मिल अधिकारियों ने किसान को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया और एक लाख रुपये का चेक सौंप दिया। दो लाख रुपये एक सप्ताह में देने का आश्वासन दिया। किसान ने कहा यदि एक सप्ताह में दो लाख रुपये नहीं दिए तो वह फिर से भूखहड़ताल शुरू कर देगा।
सोमवार को कान्हड़ गांव में कैंसर पीड़ित सतीश पुत्र ईश्वर ने गन्ना भुगतान की मांग को लेकर भूखहड़ताल शुरू कर दी थी। किसान के किनौनी चीनी मिल पर नौ लाख रुपये बकाया हैं। चीनी मिल अधिकारियों ने किसान को मनाने का प्रयास किया था, लेकिन किसान का कहना था कि पहले गन्ना भुगतान करो, तभी बात की जाएगी। मंगलवार को फिर वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक मेरठ ऋतु दमन, किनौनी मिल के जीएम कुलदीप राठी गांव में पहुंचे और भूखहड़ताल पर बैठे किसान को एक लाख रुपये का चेक सौंपा। किसान ने यह कहते हुए चेक लेने से इंकार कर लिया कि कैंसर की बीमारी का इलाज कराने के लिए तीन लाख रुपये की जरूरत है। तीन लाख रुपये दे दो, उसके बाद भूखहड़ताल समाप्त की जाएगी।
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वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक मेरठ ऋतु दमन ने किसान को आश्वासन दिया कि डीसीओ मेरठ से बात कर दो लाख रुपये का चेक एक सप्ताह में दे दिया जाएगा। इस पर किसान ने भूखहड़ताल समाप्त कर दी। अधिकारियों ने किसान को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। किसान सतीश ने चेतावनी दी कि यदि दो लाख रुपये का चेक एक सप्ताह में नहीं मिला तो वह फिर से भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।
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