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बासौली के प्रधान को भेजा पांच माह का दस लाख का विद्युत बिल
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बड़ौत (बागपत)।
ऊर्जा निगम के कर्मचारियों और मीटर रीडर की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। घर बैठे ही मीटर रीडर गलत गलत रींडिग भर बिल बना देते है, इसके बाद उपभोक्ताओं को बेहिसाब बिल भेज दिया जाता है, इसका उदाहरण बृहस्पतिवार को देखने को मिला। जब बासौली गांव के प्रधान को केवल पांच माह का दो किलोवाट के कनेक्शन पर दस लाख का बिल भेजा। प्रधान इस मामले में निगम के अफसरों से कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं। उधर, ओटीएस योजना के पंजीकरण के अंतिम दिन उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ी रही, हंगामा भी हुआ। दूसरे तरफ किसानों ने इस योजना के तहत कम से कम 20 दिन ओर पंजीकरण बढ़ाने की मांग की।
पीड़ित प्रधान कुलदीप बासौली गांव के रहने वाले हैं। उनका एक मकान दिल्ली-सहारनपुर रोड पर सीओ कार्यालय के पास है। जहां पर उन्होंने दो किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है। उन्होंने बताया कि वे अधिकांश समय गांव में ही रहते हैं। कभी कभार ही वे मकान पर जरूरी काम से आते हैं। यहां पर निगम के कर्मचारियों व मीटर रीडर ने उन्हें पांच माह का 10 लाख का विद्युत बिल भेजा। शिकायत करने पर निगम के अफसर चक्कर काटा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।
एसई रामबीर सिंह का कहना था कि शिकायत मिली है, जांच कर बिल को ठीक कराया जाएगा। ओटीएस योजना के अंतिम दिन पंजीकरण व बिल जमा कराने को लेकर पूरे दिन विद्युत कार्यालयों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। कई बार भीड़ अधिक होने के कारण पहले बिल जमा करने को लेकर उपभोक्ताओं में कहासुनी भी हुई। उपभोक्ताओं व किसानों ने पंजीकरण की तिथि 20 से 25 दिन ओर बढ़ाने की मांग की। एसई रामबीर सिंह ने कहा फिलहाल 31 जनवरी अंतिम दिन रखी, इसके लिए गांव व नगर में प्रचार-प्रसार के लिए एनाउसेंट भी कराया। किसानों व उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही मांग को उच्चाधिकारियों के समक्ष रख दी।
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ऊर्जा निगम के कर्मचारियों और मीटर रीडर की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। घर बैठे ही मीटर रीडर गलत गलत रींडिग भर बिल बना देते है, इसके बाद उपभोक्ताओं को बेहिसाब बिल भेज दिया जाता है, इसका उदाहरण बृहस्पतिवार को देखने को मिला। जब बासौली गांव के प्रधान को केवल पांच माह का दो किलोवाट के कनेक्शन पर दस लाख का बिल भेजा। प्रधान इस मामले में निगम के अफसरों से कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं। उधर, ओटीएस योजना के पंजीकरण के अंतिम दिन उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ी रही, हंगामा भी हुआ। दूसरे तरफ किसानों ने इस योजना के तहत कम से कम 20 दिन ओर पंजीकरण बढ़ाने की मांग की।
पीड़ित प्रधान कुलदीप बासौली गांव के रहने वाले हैं। उनका एक मकान दिल्ली-सहारनपुर रोड पर सीओ कार्यालय के पास है। जहां पर उन्होंने दो किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है। उन्होंने बताया कि वे अधिकांश समय गांव में ही रहते हैं। कभी कभार ही वे मकान पर जरूरी काम से आते हैं। यहां पर निगम के कर्मचारियों व मीटर रीडर ने उन्हें पांच माह का 10 लाख का विद्युत बिल भेजा। शिकायत करने पर निगम के अफसर चक्कर काटा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।
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एसई रामबीर सिंह का कहना था कि शिकायत मिली है, जांच कर बिल को ठीक कराया जाएगा। ओटीएस योजना के अंतिम दिन पंजीकरण व बिल जमा कराने को लेकर पूरे दिन विद्युत कार्यालयों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। कई बार भीड़ अधिक होने के कारण पहले बिल जमा करने को लेकर उपभोक्ताओं में कहासुनी भी हुई। उपभोक्ताओं व किसानों ने पंजीकरण की तिथि 20 से 25 दिन ओर बढ़ाने की मांग की। एसई रामबीर सिंह ने कहा फिलहाल 31 जनवरी अंतिम दिन रखी, इसके लिए गांव व नगर में प्रचार-प्रसार के लिए एनाउसेंट भी कराया। किसानों व उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही मांग को उच्चाधिकारियों के समक्ष रख दी।
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