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रवि कुमार का जौहड़ी शूटिंग रेंज पर स्वागत किया
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:20 AM IST
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बिनौली (बागपत)। जकार्ता एशियन गेम्स में शूटिंग स्पर्धा में देश के लिए कांस्य पदक जीतने वाले रवि कुमार का जौहड़ी शूटिंग रेंज पर मंगलवार को स्वागत किया।
जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में दस मीटर एयर रायफल की मिश्रित युगल स्पर्धा में अपूर्वी चंदेला के साथ देश के लिए कांस्य पदक जीतने वाले रवि कुमार का जौहड़ी की बीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज पर ढोल नगाड़ों और फूल माला से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें जौहड़ी रायफल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजपाल सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान रवि ने यहां प्रशिक्षणरत निशानेबाजों से अपने अनुभव साझा किये।
रवि कुमार ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि उन्होंने निशानेबाजी की शुरुआत 2005 में जौहड़ी की पुरानी घास फूंस की रेंज पर की थी। उन्हें निशानेबाजी की प्रेरणा उनके नाना डॉ. राजपाल सिंह से मिली। देश के लिए इंटरनेशनल लेवल पर करीब डेढ़ दर्जन पदक जीतने वाले रवि इस समय एयर फोर्स में जूनियर वारंट आफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक कोटा हासिल करना है तथा देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना है, जिसके लिए वे कठिन परिश्रम कर रहे हैं। इस दौरान डॉ. राजपाल सिंह, साई कोच नीतू श्योराण, रविदत्त शर्मा, सोहनपाल प्रधान, रविंद्र तोमर, सचिन शर्मा, शगुन, हरिओम, रूपक, सुमित आदि मौजूद रहे।
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जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में दस मीटर एयर रायफल की मिश्रित युगल स्पर्धा में अपूर्वी चंदेला के साथ देश के लिए कांस्य पदक जीतने वाले रवि कुमार का जौहड़ी की बीपी सिंघल इंडोर शूटिंग रेंज पर ढोल नगाड़ों और फूल माला से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें जौहड़ी रायफल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजपाल सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान रवि ने यहां प्रशिक्षणरत निशानेबाजों से अपने अनुभव साझा किये।
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रवि कुमार ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि उन्होंने निशानेबाजी की शुरुआत 2005 में जौहड़ी की पुरानी घास फूंस की रेंज पर की थी। उन्हें निशानेबाजी की प्रेरणा उनके नाना डॉ. राजपाल सिंह से मिली। देश के लिए इंटरनेशनल लेवल पर करीब डेढ़ दर्जन पदक जीतने वाले रवि इस समय एयर फोर्स में जूनियर वारंट आफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक कोटा हासिल करना है तथा देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना है, जिसके लिए वे कठिन परिश्रम कर रहे हैं। इस दौरान डॉ. राजपाल सिंह, साई कोच नीतू श्योराण, रविदत्त शर्मा, सोहनपाल प्रधान, रविंद्र तोमर, सचिन शर्मा, शगुन, हरिओम, रूपक, सुमित आदि मौजूद रहे।
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