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बागपत मिल में खराबी, मेरठ रोड पर गन्ना लदे वाहनों से लगा जाम
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:09 AM IST
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बागपत। सहकारी क्षेत्र की बागपत शुगर मिल में तकनीकी खराबी के चलते करीब 15 घंटे तक पेराई बंद रही। इससे गन्ना लदे वाहनों की मेरठ रोड पर कतार लग गई, इससे जाम की स्थिति बन गई। किसानों ने मिल शुरू कराने को हंगामा किया। आरोप लगाया कि आए दिन समस्या रहती है।
बागपत शुगर मिल में खराबी के चलते गन्ने की पेराई नहीं हो सकी। मिल परिसर और इसके बाद मेरठ मार्ग पर गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली की कतार लग गई। डीसीओ कार्यालय तक किसानों ने वाहन खड़े कर दिए। परेशान किसान मेरठ मार्ग पर पहुंचे और परेशान होकर मिल प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया। आरोप लगाया कि आए दिन पेराई बंद रहती है। शुक्रवार की शाम मिल में खराबी आई, इसे काफी देर बाद ठीक कराया। शनिवार की सुबह कुछ देर मिल चला, इसके बाद भी से खराब हो गया। यह कार्य पिछले कई दिन से हो रहा है। सही प्रकार से खराबी को दूर नहीं किया जा रहा है। मिल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। घर के जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं। हंगामा करने वालों में कृष्णपाल सिंह, प्रताप, नेपाल, मींटू त्यागी, ओमपाल प्रधान, प्रमोद, जितेंद्र, कालू, सुधीर, प्रवेंद्र, राज कुमार आदि रहे। दूसरी तरफ मिल के जीएम जेएस वर्मा ने कहा कि किसी ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ने के साथ लोहे के टुकड़े चेन में चले गए थे, जिससे तकनीकी खराब आ गई। सिस्टम सही करा दिया गया है।
प्रदेश सरकार का पुतला फूंका, गन्ने की जलाई होली
बागपत/छपरौली। गन्ने का मूल्य न बढ़ाने से क्षुब्ध किसानों ने जहां गन्ने की होली जलाई, वहीं प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर विरोध व्यक्त किया। किसानों ने कहा कृषि में इस्तेमाल होने वाले सामान निरंतर महंगे हो रहे है। उत्पादन लागत बहुत अधिक है। दाम न बढ़ाकर कृषकों के साथ धोखा किया है।
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सरूरपुर कलां गांव में प्रधान जीत के आवास पर किसानों की पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि गन्ने की फसल क्षेत्र में मुख्य है। हर वर्ष सरकार दाम बढ़ाती है। इस सीजन में सरकार ने उपेक्षित रखा है। निरंतर महंगाई किसानों को जकड़ती जा रही है। डीजल, पेट्रोल, गैस, खाद सब महंगे हो गए है। गन्ने की फसल किसानों के लागत में नहीं आ रही है। जो दाम दिया जा रहा है वह बेहद कम है। उसके बाद सभी किसान दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर एकत्र हुए। यहां पर उन्होंने गन्ने की होली जलाई। सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। चौधरी जीत सिंह, सुभाष नैन, रामबीर सिंह, चौधरी शिवकुमार, सत्य सिंह, जगदीश, सत्यपाल सिंह, ओमबीर सिंह, पदम सिंह, बारू सिंह, फेरू सिंह आदि रहे।
छपरौली कस्बे में बस स्टैंड के पास रालोद कार्यकर्ताओं ने गन्ने का मूल्य नए बढ़ाने पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाए। किसानों ने कहा कि पहले की सभी प्रदेश सरकारों ने गन्ने के मूल्य में वृद्धि की है लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार ने गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया, इससे किसानों की उम्मीद पर पानी फिर गया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने सरकार के पुतले को आग के हवाले कर दिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसमें अशोक नेताजी, यशपाल सिंह, विकास प्रधान, श्याम सिंह, सत्येंद्र सिंह, करण सिंह, अंकित, अजय कुमार, सुरेश पाल, राज्यपाल आदि रहे।
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बागपत शुगर मिल में खराबी के चलते गन्ने की पेराई नहीं हो सकी। मिल परिसर और इसके बाद मेरठ मार्ग पर गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली की कतार लग गई। डीसीओ कार्यालय तक किसानों ने वाहन खड़े कर दिए। परेशान किसान मेरठ मार्ग पर पहुंचे और परेशान होकर मिल प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया। आरोप लगाया कि आए दिन पेराई बंद रहती है। शुक्रवार की शाम मिल में खराबी आई, इसे काफी देर बाद ठीक कराया। शनिवार की सुबह कुछ देर मिल चला, इसके बाद भी से खराब हो गया। यह कार्य पिछले कई दिन से हो रहा है। सही प्रकार से खराबी को दूर नहीं किया जा रहा है। मिल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। घर के जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं। हंगामा करने वालों में कृष्णपाल सिंह, प्रताप, नेपाल, मींटू त्यागी, ओमपाल प्रधान, प्रमोद, जितेंद्र, कालू, सुधीर, प्रवेंद्र, राज कुमार आदि रहे। दूसरी तरफ मिल के जीएम जेएस वर्मा ने कहा कि किसी ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ने के साथ लोहे के टुकड़े चेन में चले गए थे, जिससे तकनीकी खराब आ गई। सिस्टम सही करा दिया गया है।
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प्रदेश सरकार का पुतला फूंका, गन्ने की जलाई होली
बागपत/छपरौली। गन्ने का मूल्य न बढ़ाने से क्षुब्ध किसानों ने जहां गन्ने की होली जलाई, वहीं प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर विरोध व्यक्त किया। किसानों ने कहा कृषि में इस्तेमाल होने वाले सामान निरंतर महंगे हो रहे है। उत्पादन लागत बहुत अधिक है। दाम न बढ़ाकर कृषकों के साथ धोखा किया है।
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सरूरपुर कलां गांव में प्रधान जीत के आवास पर किसानों की पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि गन्ने की फसल क्षेत्र में मुख्य है। हर वर्ष सरकार दाम बढ़ाती है। इस सीजन में सरकार ने उपेक्षित रखा है। निरंतर महंगाई किसानों को जकड़ती जा रही है। डीजल, पेट्रोल, गैस, खाद सब महंगे हो गए है। गन्ने की फसल किसानों के लागत में नहीं आ रही है। जो दाम दिया जा रहा है वह बेहद कम है। उसके बाद सभी किसान दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर एकत्र हुए। यहां पर उन्होंने गन्ने की होली जलाई। सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। चौधरी जीत सिंह, सुभाष नैन, रामबीर सिंह, चौधरी शिवकुमार, सत्य सिंह, जगदीश, सत्यपाल सिंह, ओमबीर सिंह, पदम सिंह, बारू सिंह, फेरू सिंह आदि रहे।
छपरौली कस्बे में बस स्टैंड के पास रालोद कार्यकर्ताओं ने गन्ने का मूल्य नए बढ़ाने पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाए। किसानों ने कहा कि पहले की सभी प्रदेश सरकारों ने गन्ने के मूल्य में वृद्धि की है लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार ने गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया, इससे किसानों की उम्मीद पर पानी फिर गया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने सरकार के पुतले को आग के हवाले कर दिया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसमें अशोक नेताजी, यशपाल सिंह, विकास प्रधान, श्याम सिंह, सत्येंद्र सिंह, करण सिंह, अंकित, अजय कुमार, सुरेश पाल, राज्यपाल आदि रहे।