{"_id":"5ceee23abdec220743639baf","slug":"15591594013-baghpat-news64","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौधरी चरण सिंह से प्रेरित होकर बन गया आर्य समाजी : सत्यपाल सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौधरी चरण सिंह से प्रेरित होकर बन गया आर्य समाजी : सत्यपाल सिंह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। बागपत के नवनिर्वाचित सांसद एवं पिछली सरकार में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रहे डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि उनका जीवन और कर्म क्षेत्र पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह से प्रेरित हैं। आर्य समाज की विचारधारा उनसे प्रेरित होकर ही ली। उनके दिखाए गए रास्ते पर चलकर ही वह किसानों के लिए कार्य करेंगे।
लखनऊ में किसान मसीहा, स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ सत्यपाल सिंह ने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उनके जीवन के प्रेरणादायक नायक आदरणीय चौधरी साहब को वह बचपन से सुनते थे, उनकी सभाओं में शामिल होते थे, उनके विचारों को सुनता था और उनके गुणों को अपने चरित्र में अवतरित करने का प्रयास करते रहते। उन्हीं की प्रेरणा की शक्ति थी कि वह एक सच्चे आर्य समाजी बन सकें। चौधरी साहब नित्य, संध्या एवं हवन करना कभी नहीं भूलते एवं जब भी वह दौरे पर जाते थे, हवन कुंड साथ लेकर जाते थे।
शायद उन्हीं की प्रेरणा थी कि वह भी 33 वर्ष की पुलिस सेवा में भी उनके आदर्शों का सच्चाई से पालन करता रहा और उन्ही की प्रेरणा से पुलिस के अपने सर्वोच्च पद को त्यागते हुए उनकी कर्म स्थली एवं अपनी जन्मस्थली बागपत की जनता की सेवा करने का निर्णय लिया। युवा चौधरी साहब के विषय में पढ़ें और अधिक से अधिक जानें। वह किसानों के सच्चे हमदर्द थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ में किसान मसीहा, स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ सत्यपाल सिंह ने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उनके जीवन के प्रेरणादायक नायक आदरणीय चौधरी साहब को वह बचपन से सुनते थे, उनकी सभाओं में शामिल होते थे, उनके विचारों को सुनता था और उनके गुणों को अपने चरित्र में अवतरित करने का प्रयास करते रहते। उन्हीं की प्रेरणा की शक्ति थी कि वह एक सच्चे आर्य समाजी बन सकें। चौधरी साहब नित्य, संध्या एवं हवन करना कभी नहीं भूलते एवं जब भी वह दौरे पर जाते थे, हवन कुंड साथ लेकर जाते थे।
विज्ञापन
शायद उन्हीं की प्रेरणा थी कि वह भी 33 वर्ष की पुलिस सेवा में भी उनके आदर्शों का सच्चाई से पालन करता रहा और उन्ही की प्रेरणा से पुलिस के अपने सर्वोच्च पद को त्यागते हुए उनकी कर्म स्थली एवं अपनी जन्मस्थली बागपत की जनता की सेवा करने का निर्णय लिया। युवा चौधरी साहब के विषय में पढ़ें और अधिक से अधिक जानें। वह किसानों के सच्चे हमदर्द थे।
विज्ञापन