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भोजन के साथ-साथ भजन भी जरूरी- वीर सागर महाराज
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बड़ौत (बागपत)।
मुनि वीर सागर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को पुष्ट करने के लिए प्रतिदिन भोजन जरूरी है। उसी प्रकार आत्मा को पुष्ट करने के लिए भजन भी जरूरी है।
विहर्ष सभागार में अजित नाथ मंदिर कमेटी के तत्वावधान में मुनि विशाल महाराज के संसघ सानिध्य में विहर्ष सभागार में चल रहे विद्योदय बाल संस्कार शिविर में मंगलवार को मुनि वीर सागर महाराज बोल रहे थे। इस मौके पर जैन मुनि ने कहा कि हृदय परिवर्तन के लिए मौन का अभ्यास जरूरी है। सुख शांति का सबसे अच्छा उपाय मौन की साधना करना है। जो व्यक्ति जितना अधिक बोलता है। उसकी उतनी ही अधिक शक्ति क्षीण हो जाती है। मौन का अभ्यास करने वाले आंत्रिक शक्ति का उद्घाटन करते हैं। यदि पूर्ण रूप से आप मौन नहीं रह सकते हैं तो कम से कम बोलें। आवश्यकता पड़ने पर ही बोले। साथ ही मीठे वचनों का प्रयोग करें। इससे आपकी वाणी वीणा का काम करेगी। उन्होंने कहा शुद्ध विचार और वाणी में मिठास किसी को भी जमीन से उठाकर तख्त पर बैठा सकती है। शिविर में मुनि विशाल सागर, धवल सागर महाराज ने भी विचार व्यक्त किए। शिविर में सुभाष जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, अशोक जैन, मुकेश बजाज, महेंद्र जैन, प्रवीण जैन, विवेक जैन आदि उपस्थित रहे।
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मुनि वीर सागर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को पुष्ट करने के लिए प्रतिदिन भोजन जरूरी है। उसी प्रकार आत्मा को पुष्ट करने के लिए भजन भी जरूरी है।
विहर्ष सभागार में अजित नाथ मंदिर कमेटी के तत्वावधान में मुनि विशाल महाराज के संसघ सानिध्य में विहर्ष सभागार में चल रहे विद्योदय बाल संस्कार शिविर में मंगलवार को मुनि वीर सागर महाराज बोल रहे थे। इस मौके पर जैन मुनि ने कहा कि हृदय परिवर्तन के लिए मौन का अभ्यास जरूरी है। सुख शांति का सबसे अच्छा उपाय मौन की साधना करना है। जो व्यक्ति जितना अधिक बोलता है। उसकी उतनी ही अधिक शक्ति क्षीण हो जाती है। मौन का अभ्यास करने वाले आंत्रिक शक्ति का उद्घाटन करते हैं। यदि पूर्ण रूप से आप मौन नहीं रह सकते हैं तो कम से कम बोलें। आवश्यकता पड़ने पर ही बोले। साथ ही मीठे वचनों का प्रयोग करें। इससे आपकी वाणी वीणा का काम करेगी। उन्होंने कहा शुद्ध विचार और वाणी में मिठास किसी को भी जमीन से उठाकर तख्त पर बैठा सकती है। शिविर में मुनि विशाल सागर, धवल सागर महाराज ने भी विचार व्यक्त किए। शिविर में सुभाष जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, अशोक जैन, मुकेश बजाज, महेंद्र जैन, प्रवीण जैन, विवेक जैन आदि उपस्थित रहे।