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बावली में भगवान चंद्रप्रभु की रथयात्रा धूमधाम से निकाली
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:03 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
दिगंबर जैन समाज बावली के तत्वावधान में शांति नाथ जैन मंदिर से भगवान चंद्रप्रभु की रथयात्रा निकाली । रथयात्रा में सबसे आगे बच्चे चले। इनके पीछे ताशा पार्टी व बैंड धार्मिक धुन बजाते चले। बैंडों के बीच में झांकियां चली। सबसे पीछे भजन मंडली पर जैन अनुयायी नृत्य करते चले। इसके बाद चंद्रप्रभु भगवान की प्रतिमा रथ में विराजमान रही। इनका पूजा की। रथयात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हाईवे पर स्थित जैन बाग पहुंचा, वहां भगवान का जलाभिषेक किया। इसके बाद रथयात्रा का मंदिर में समापन हुआ। भगवान को रथ में लेकर चलने की बोली नरेंद्र, रामचंद्र, खजांची की बोली सूरजभान, प्रेम चंद, सारथी की बोली मोहनलाल, चंवर ढुलावन की बोली श्रवण और नगीन देवी के पक्ष में रही। इसमें सतेंद्र जैन, पंकज जैन, मोनी, श्रवण, श्रीपाल जैन, प्रेम चंद, आदिश जैन, जितेंद्र कुमार, विनोद जैन आदि रहे।
पहली बार हुआ कवि सम्मेलन
बड़ौत। दिगंबर जैन समाज और जैन संत अनुमान के सानिध्य में पहली बार कवि सम्मेलन का आयोजन किया । कवि सम्मेलन में हरिओम पंवार, आशीष, सुनील, सुदीप, जानी बैरागी, रामबाबू सिकरवार, मुमताज नसीम आदि कवियों ने काव्य पाठ किया।
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दिगंबर जैन समाज बावली के तत्वावधान में शांति नाथ जैन मंदिर से भगवान चंद्रप्रभु की रथयात्रा निकाली । रथयात्रा में सबसे आगे बच्चे चले। इनके पीछे ताशा पार्टी व बैंड धार्मिक धुन बजाते चले। बैंडों के बीच में झांकियां चली। सबसे पीछे भजन मंडली पर जैन अनुयायी नृत्य करते चले। इसके बाद चंद्रप्रभु भगवान की प्रतिमा रथ में विराजमान रही। इनका पूजा की। रथयात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हाईवे पर स्थित जैन बाग पहुंचा, वहां भगवान का जलाभिषेक किया। इसके बाद रथयात्रा का मंदिर में समापन हुआ। भगवान को रथ में लेकर चलने की बोली नरेंद्र, रामचंद्र, खजांची की बोली सूरजभान, प्रेम चंद, सारथी की बोली मोहनलाल, चंवर ढुलावन की बोली श्रवण और नगीन देवी के पक्ष में रही। इसमें सतेंद्र जैन, पंकज जैन, मोनी, श्रवण, श्रीपाल जैन, प्रेम चंद, आदिश जैन, जितेंद्र कुमार, विनोद जैन आदि रहे।
पहली बार हुआ कवि सम्मेलन
बड़ौत। दिगंबर जैन समाज और जैन संत अनुमान के सानिध्य में पहली बार कवि सम्मेलन का आयोजन किया । कवि सम्मेलन में हरिओम पंवार, आशीष, सुनील, सुदीप, जानी बैरागी, रामबाबू सिकरवार, मुमताज नसीम आदि कवियों ने काव्य पाठ किया।
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