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दो हजार बांड मिले फर्जी, जारी नहीं होगा इंडेंट
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:09 AM IST
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बागपत। पेराई सत्र 2018-19 के शुरू होने के बाद किसानों के गन्ना खातों की जांच में करीब दो हजार बांड फर्जी पाए गए हैं। अधिकतर बांड मलकपुर चीनी मिल क्षेत्र से संबंधित हैं। इन खातों को बंद कर दिया गया है। डीसीओ विनीत कुमार का कहना है कि जो बांड गलत पाए गए हैं, उन्हें रुकवा दिया गया है। समितियों को निर्देश दिए हैं, गलत गन्ना खातों के लिए इंडेंट जारी नहीं किया जाना चाहिए।
पेराई सत्र शुरू होने के साथ ही किसानों के गन्ना खातों की जांच शुरू हुई। डीसीओ ने पुष्टि कर बताया कि करीब दो हजार गन्ना खाते फर्जी पाए गए हैं। ऐसे खातों पर रोक लगा दी गई है। समितियों के अलावा गन्ना विभाग को इसकी जानकारी दे दी। गन्ने का सर्वे कराने, आधार कार्ड के आधार पर यह खाते पकड़े गए हैं। इनमें एक किसान के दो-दो बांड, या दो अलग-अलग चीनी मिल पर बांड जारी किए । इसके अलावा मृतक किसान के नाम पर चल रहे बांड शामिल हैं। भूमिहीन लोगों के नाम पर भी बांड तैयार कराए । प्रभारी डीसीओ का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
वारिस बांड के संशोधन की प्रक्रिया तेज
बागपत। गन्ना खातों के संशोधन की प्रक्रिया तेज कर दी। प्रभारी डीसीओ ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या वारिस बांड के संशोधन को लेकर आ रही है, लेकिन मंगलवार तक इसे पूरी करने की उम्मीद है। इसके बाद किसानों को नियमानुसार इंडेंट मिलेगा।
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मलकपुर चीनी मिल का परता सबसे अव्वल
बागपत। चीनी मिलें अगेती प्रजाति के गन्ने की पेराई कर रही है। मलकपुर मिल परता प्रतिशत में सबसे ऊपर है। शनिवार का परता 10 प्रतिशत के ऊपर रिकॉर्ड किया गया। जबकि बागपत और रमाला मिल का परता अभी 10 से नीचे हैं।
रमाला चीनी मिल ने किया पूर्ण भुगतान
बागपत। सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल ने शनिवार को पेराई सत्र 2017018 का पूर्ण भुगतान कर दिया है। चीनी मिल पर किसानों के चार करोड़ 79 लाख रुपये बकाया चले आ रहे थे। मिल के पेराई सत्र 2017018 का गन्ना भुगतान होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। मलकपुर चीनी मिल को सॉफ्ट लोन दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
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पेराई सत्र शुरू होने के साथ ही किसानों के गन्ना खातों की जांच शुरू हुई। डीसीओ ने पुष्टि कर बताया कि करीब दो हजार गन्ना खाते फर्जी पाए गए हैं। ऐसे खातों पर रोक लगा दी गई है। समितियों के अलावा गन्ना विभाग को इसकी जानकारी दे दी। गन्ने का सर्वे कराने, आधार कार्ड के आधार पर यह खाते पकड़े गए हैं। इनमें एक किसान के दो-दो बांड, या दो अलग-अलग चीनी मिल पर बांड जारी किए । इसके अलावा मृतक किसान के नाम पर चल रहे बांड शामिल हैं। भूमिहीन लोगों के नाम पर भी बांड तैयार कराए । प्रभारी डीसीओ का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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वारिस बांड के संशोधन की प्रक्रिया तेज
बागपत। गन्ना खातों के संशोधन की प्रक्रिया तेज कर दी। प्रभारी डीसीओ ने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या वारिस बांड के संशोधन को लेकर आ रही है, लेकिन मंगलवार तक इसे पूरी करने की उम्मीद है। इसके बाद किसानों को नियमानुसार इंडेंट मिलेगा।
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मलकपुर चीनी मिल का परता सबसे अव्वल
बागपत। चीनी मिलें अगेती प्रजाति के गन्ने की पेराई कर रही है। मलकपुर मिल परता प्रतिशत में सबसे ऊपर है। शनिवार का परता 10 प्रतिशत के ऊपर रिकॉर्ड किया गया। जबकि बागपत और रमाला मिल का परता अभी 10 से नीचे हैं।
रमाला चीनी मिल ने किया पूर्ण भुगतान
बागपत। सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल ने शनिवार को पेराई सत्र 2017018 का पूर्ण भुगतान कर दिया है। चीनी मिल पर किसानों के चार करोड़ 79 लाख रुपये बकाया चले आ रहे थे। मिल के पेराई सत्र 2017018 का गन्ना भुगतान होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। मलकपुर चीनी मिल को सॉफ्ट लोन दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।