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ओडीएफ की हकीकत जानने जुटे अफसर नहीं भेज रहे रिपोर्ट
Updated Fri, 17 Nov 2017 01:06 AM IST
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बागपत। प्रशासन ने ओडीएफ घोषित किए गांवों के लिए जिला स्तरीय सत्यापन समिति का गठन किया। जो 30 अफसरों को इसकी जिम्मेदारी दी है। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने जांच में देरी पर नाराजगी जताई।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रशासन ने जिले के 284 गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया। इसके लिए प्रशासन ने 30 अधिकारियों की एक सत्यापन समिति का गठन किया । इसमें मुख्य अधिकारी उनके सहायक की तैनाती की। जिस गांव की जिम्मेदारी दी, वहां पर पहुंचकर शौचालय की स्थिति का जायजा लेंगे। गांव के लोग उसका इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं और कितने लोग अभी भी खुले में शौच के लिए जाते हैं इसकी जांच करेंगे। एसडीएम बागपत, खंड शिक्षा अधिकारी बागपत, बाल विकास अधिकारी बागपत, डीडीओ, जिला क्रीड़ा अधिकारी, बीएसए, प्राचार्य डायट बड़ौत, परियोजना निदेशक, जिला गन्ना अधिकारी, एसडीएम खेकड़ा, जिला आपूर्ति अधिकारी, एसडीएम बड़ौत के साथ उनके सहायक अधिकारियों सहित 30 को इसकी जिम्मेदारी दी। वहीं डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने भी सत्यापन की धीमी गति पर नाराजगी जताई। अफसरों को जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है। डीडीओ ने सभी अधिकारियों को बताया कि सत्यापन की जांच कर जिला पंचायत राज कार्यालय में भेज दी जाए।
इन गांवों की जांच कर रहे अधिकारी
दोझा, ब्राह्मण पुट्ठी, पाली, अहैड़ा, राजपुर खामपुर, फतेहपुर पुट्ठी, लधवाड़ी, खेड़की शिकोहपुर, ट्यौढ़ी, सैड़पुर खुर्द, नाथलपुर, खड़खड़ी, गूंगा खेड़ी, जटौली, अचारज खेड़ा, खेड़ी प्रधान, लुहारी, औढ़ापुर, बोहला, चौबीली, फतेहपुर चक, जागोस, जिवानी, आदलाबाद, पलड़ी, तमेला गढ़ी, सरोरा, खेड़ी चित्तम, दाहा, हिम्मतपुर, माखुरपुर खुंटी, कान्हड़, झूंडपुर, पुसार, पांची खासपुर, बंदपुर, टुकाली, फूलेरा, सहवानपुर गौना, नंगला, बहलोलपुर काठा, तिगरी, डगरपुर, पूरनपुर नवाड़ा, नूरपुर खालसा, नूरपुर मुजविदा, अब्दुलापुर, सुभानपुर, सैड़पुर कलां, बासौली, तिलवाड़ा, चांदन हेड़ी, ककड़ीपुर, सौंटी शामिल है।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रशासन ने जिले के 284 गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया। इसके लिए प्रशासन ने 30 अधिकारियों की एक सत्यापन समिति का गठन किया । इसमें मुख्य अधिकारी उनके सहायक की तैनाती की। जिस गांव की जिम्मेदारी दी, वहां पर पहुंचकर शौचालय की स्थिति का जायजा लेंगे। गांव के लोग उसका इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं और कितने लोग अभी भी खुले में शौच के लिए जाते हैं इसकी जांच करेंगे। एसडीएम बागपत, खंड शिक्षा अधिकारी बागपत, बाल विकास अधिकारी बागपत, डीडीओ, जिला क्रीड़ा अधिकारी, बीएसए, प्राचार्य डायट बड़ौत, परियोजना निदेशक, जिला गन्ना अधिकारी, एसडीएम खेकड़ा, जिला आपूर्ति अधिकारी, एसडीएम बड़ौत के साथ उनके सहायक अधिकारियों सहित 30 को इसकी जिम्मेदारी दी। वहीं डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने भी सत्यापन की धीमी गति पर नाराजगी जताई। अफसरों को जल्द जांच कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है। डीडीओ ने सभी अधिकारियों को बताया कि सत्यापन की जांच कर जिला पंचायत राज कार्यालय में भेज दी जाए।
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इन गांवों की जांच कर रहे अधिकारी
दोझा, ब्राह्मण पुट्ठी, पाली, अहैड़ा, राजपुर खामपुर, फतेहपुर पुट्ठी, लधवाड़ी, खेड़की शिकोहपुर, ट्यौढ़ी, सैड़पुर खुर्द, नाथलपुर, खड़खड़ी, गूंगा खेड़ी, जटौली, अचारज खेड़ा, खेड़ी प्रधान, लुहारी, औढ़ापुर, बोहला, चौबीली, फतेहपुर चक, जागोस, जिवानी, आदलाबाद, पलड़ी, तमेला गढ़ी, सरोरा, खेड़ी चित्तम, दाहा, हिम्मतपुर, माखुरपुर खुंटी, कान्हड़, झूंडपुर, पुसार, पांची खासपुर, बंदपुर, टुकाली, फूलेरा, सहवानपुर गौना, नंगला, बहलोलपुर काठा, तिगरी, डगरपुर, पूरनपुर नवाड़ा, नूरपुर खालसा, नूरपुर मुजविदा, अब्दुलापुर, सुभानपुर, सैड़पुर कलां, बासौली, तिलवाड़ा, चांदन हेड़ी, ककड़ीपुर, सौंटी शामिल है।
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