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कौन लगाएगा इन धुएं पर लगाम
अमर उजाला ब्यूरो, आजमगढ़
Updated Thu, 05 May 2016 10:50 PM IST
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लाटघाट क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी है ईंट-भट्ठों का संचालन।
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प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए बगैर जिले में 468 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि यहां प्रदूषण नियंत्रण विभाग है लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में बगैर अनुमति के चलने वाले ईंट भट्ठों के संचालक बेखौफ हैं। जिम्मेदार अफसरों ने इन्हें महज नोटिस ही जारी किया है। जिला प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित 11 भठ्ठों पर कार्रवाई की है।
अगर प्रदूषण नियंत्रण विभाग की मानें तो जनपद में कुल 588 भट्ठे संचालित होते हैं। इनमें से अनुमति सिर्फ 120 लोगों ने ली थी। शेष 468 लोग बिना अनुमति के ही भट्ठे का संचालन कई वर्षों से करते चले आ रहे हैं। इन भट्ठों का संचालन रोकने के बजाए प्रदूषण विभाग इन लोगों को नोटिस जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लिया। इसका परिणाम है कि बिना अनुमति के ही लोग धड़ल्ले से भट्ठे का संचालन करते रहे। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा ऐसे 11 भट्ठों पर कार्रवाई जरूर की गई लेकिन प्रशासन की यही कार्रवाई उसे कटघरे में खड़ा करती है क्योंकि जब जनपद में 468 भट्ठों का बिना अनुमति के संचालन किया जा रहा था तो कार्रवाई सिर्फ 11 पर ही क्यों की गई।
वहीं, शासन द्वारा पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने के बाद बिना अनुमति के भट्ठों का संचालन करने वालों को भी सहमति की आवश्यकता पड़ी क्योंकि प्रशासन की सत्र के आगे उनके भट्ठे बंद होने की कगार पर पहुंच गए। काफी दिनों से बंद पड़े भट्ठे चालू हो चुके हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा गठित 11 सदस्यीय कमेटी ने सिर्फ 32 लोगों को ही अनुमति दी है लेकिन करीब सभी भट्ठे चल रहे हैं।
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अगर प्रदूषण नियंत्रण विभाग की मानें तो जनपद में कुल 588 भट्ठे संचालित होते हैं। इनमें से अनुमति सिर्फ 120 लोगों ने ली थी। शेष 468 लोग बिना अनुमति के ही भट्ठे का संचालन कई वर्षों से करते चले आ रहे हैं। इन भट्ठों का संचालन रोकने के बजाए प्रदूषण विभाग इन लोगों को नोटिस जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लिया। इसका परिणाम है कि बिना अनुमति के ही लोग धड़ल्ले से भट्ठे का संचालन करते रहे। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा ऐसे 11 भट्ठों पर कार्रवाई जरूर की गई लेकिन प्रशासन की यही कार्रवाई उसे कटघरे में खड़ा करती है क्योंकि जब जनपद में 468 भट्ठों का बिना अनुमति के संचालन किया जा रहा था तो कार्रवाई सिर्फ 11 पर ही क्यों की गई।
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वहीं, शासन द्वारा पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने के बाद बिना अनुमति के भट्ठों का संचालन करने वालों को भी सहमति की आवश्यकता पड़ी क्योंकि प्रशासन की सत्र के आगे उनके भट्ठे बंद होने की कगार पर पहुंच गए। काफी दिनों से बंद पड़े भट्ठे चालू हो चुके हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा गठित 11 सदस्यीय कमेटी ने सिर्फ 32 लोगों को ही अनुमति दी है लेकिन करीब सभी भट्ठे चल रहे हैं।
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