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Azamgarh News: बिलों में भरा पानी तो आबादी की तरफ बढ़े सांप, 7 दिन में 6 को डसा
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आजमगढ़। उमस भरी गर्मी और बारिश का पानी बिलों में भर जाने के बाद सांप इन दिनों गुस्से में हैं। सुरक्षित ठिकाने की तलाश में मैदान छोड़कर आबादी की तरफ उनके कदम बढ़ गए हैं। ऐसे में उनके संपर्क में जो भी आ रहा है, उसे डसने से नहीं चूक रहे हैं।
एक सप्ताह में छह लोगों को सांप ने डसा। इसमें से चार लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग उपचार के बाद ठीक हुए। मंडलीय जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. इंद्रदेव मौर्य ने बताया कि आने वाले दो महीने सरीसृप प्रजाति के इन विषधरों से बेहद संभलकर रहने की आवश्यकता है। जानकार बताते हैं कि आषाढ़-सावन उनके प्रजनन (ब्रीडिंग) का समय भी होता है, ऐसे में बिलों में पानी भरने से वे और भी आक्रामक हो जाते हैं। इंसान या जानवर का संपर्क होते ही वे डसने से गुरेज नहीं करते। काला नाग या कोबरा यहां पाए जाने वाले विषैले सांपों में सबसे ज्यादा है। यह सांप सबसे अधिक खतरनाक होते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की जान जा सकती है।
जनपद में एक सप्ताह में सामने आई सर्प दंश की घटनाएं
- छह जुलाई : बरदह थाना क्षेत्र के मखदुमपुरा गांव में शनिवार की रात सांप के काटने से लीलौता देवी (50) की मौत हो गई। पति शंकर दास ने ने बताया कि लीलौता रात लगभग नौ बजे आम के बाग में गई थीं।
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- आठ जुलाई : अतरौलिया थाना क्षेत्र के जमीन दसांव गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार को सोमवार की सुबह सांप ने डस लिया। परिजन उसे अंबेडकर नगर स्थित एक अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
- नौ जुलाई: महराजगंज थाना क्षेत्र के पैकौली गांव में धान की रोपाई के दौरान खेत में मचान पर सो रहे व्यक्ति बलिहारी यादव को सांप ने डस लिया। सिधारी स्थित एक निजी अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
- 10 जुलाई: अतरौलिया थाना क्षेत्र के नंदना गांव में एक महिला बिमला देवी को झाड़ू लगाते समय सांप ने डस लिया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। समय पर उपचार मिलने के कारण उसकी जान बच गई।
- 11 जुलाई : मुबारकपुर थाना क्षेत्र के नरावं गांव निवासी शशि भूषण उर्फ गुड्डू को सोते समय सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
- 12 जुलाई : अतरौलिया थाना क्षेत्र के काेयलसा गांव निवासी अरविंद सोनकर की पुत्री रिद्धी (8) को सांप ने आम निकालते समय डस लिया। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसका उपचार जारी है।
ऐसे करें बचाव
- अंधेरे में कतई कदम न रखें न हाथ डालें।
- नंगे पैर झाड़ी या घास में न जाएं।
- काफी दिनों से रखी बोरी, लकड़ी आदि को हटाते समय सजग रहें।
- खेत में जाने से पहले जूते पहनें और रात में टार्च लेकर निकलें।
- घर में कुछ ढूंढते समय नजर केंद्रित रखें।
- बरसात में जमीन पर न सोएं।
सांप डसे तो यह करें उपाय
- सर्पदंश वाले स्थान के कुछ ऊपर और नीचे रस्सी, रबर या कपड़े से कसकर बांध देना चाहिए। ताकि जहर प्रभावित रक्त बाकी शरीर में न फैलने पाए।
- दंश वाले स्थान को साबुन या नमक के पानी, एक प्रतिशत पोटैशियम परमैगनेट के घोल से धोना चाहिए।
- प्रथम उपचार के बाद व्यक्ति को शीघ्र निकटतम अस्पताल या चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।
कुछ सांपों के काटने के स्थान पर निशान काफी हल्के होते हैं। देखने से पता नहीं चलता कि सांप ने डसा है अथवा नहीं। ऐसे में लक्षण देखकर इसका पता लगाया जाता है। दंश स्थान पर तीव्र जलन, तंद्रा, अवसाद, मिचली, वमन, अनैच्छिक मल-मूत्र-त्याग, अंगघात, पलकों का गिरना, किसी वस्तु का एक स्थान पर दो दिखाई देना और पुतलियों का विस्फारित होना प्रमुख लक्षण हैं। अंतिम अवस्था में बेहोशी तथा मांसपेशियों में ऐंठन शुरू हो जाती है।-डॉ. इंद्रदेव मौर्य, ईएमओ, मंडलीय जिला अस्पताल।
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एक सप्ताह में छह लोगों को सांप ने डसा। इसमें से चार लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग उपचार के बाद ठीक हुए। मंडलीय जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. इंद्रदेव मौर्य ने बताया कि आने वाले दो महीने सरीसृप प्रजाति के इन विषधरों से बेहद संभलकर रहने की आवश्यकता है। जानकार बताते हैं कि आषाढ़-सावन उनके प्रजनन (ब्रीडिंग) का समय भी होता है, ऐसे में बिलों में पानी भरने से वे और भी आक्रामक हो जाते हैं। इंसान या जानवर का संपर्क होते ही वे डसने से गुरेज नहीं करते। काला नाग या कोबरा यहां पाए जाने वाले विषैले सांपों में सबसे ज्यादा है। यह सांप सबसे अधिक खतरनाक होते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की जान जा सकती है।
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जनपद में एक सप्ताह में सामने आई सर्प दंश की घटनाएं
- छह जुलाई : बरदह थाना क्षेत्र के मखदुमपुरा गांव में शनिवार की रात सांप के काटने से लीलौता देवी (50) की मौत हो गई। पति शंकर दास ने ने बताया कि लीलौता रात लगभग नौ बजे आम के बाग में गई थीं।
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- आठ जुलाई : अतरौलिया थाना क्षेत्र के जमीन दसांव गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार को सोमवार की सुबह सांप ने डस लिया। परिजन उसे अंबेडकर नगर स्थित एक अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
- नौ जुलाई: महराजगंज थाना क्षेत्र के पैकौली गांव में धान की रोपाई के दौरान खेत में मचान पर सो रहे व्यक्ति बलिहारी यादव को सांप ने डस लिया। सिधारी स्थित एक निजी अस्पताल में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
- 10 जुलाई: अतरौलिया थाना क्षेत्र के नंदना गांव में एक महिला बिमला देवी को झाड़ू लगाते समय सांप ने डस लिया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। समय पर उपचार मिलने के कारण उसकी जान बच गई।
- 11 जुलाई : मुबारकपुर थाना क्षेत्र के नरावं गांव निवासी शशि भूषण उर्फ गुड्डू को सोते समय सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
- 12 जुलाई : अतरौलिया थाना क्षेत्र के काेयलसा गांव निवासी अरविंद सोनकर की पुत्री रिद्धी (8) को सांप ने आम निकालते समय डस लिया। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसका उपचार जारी है।
ऐसे करें बचाव
- अंधेरे में कतई कदम न रखें न हाथ डालें।
- नंगे पैर झाड़ी या घास में न जाएं।
- काफी दिनों से रखी बोरी, लकड़ी आदि को हटाते समय सजग रहें।
- खेत में जाने से पहले जूते पहनें और रात में टार्च लेकर निकलें।
- घर में कुछ ढूंढते समय नजर केंद्रित रखें।
- बरसात में जमीन पर न सोएं।
सांप डसे तो यह करें उपाय
- सर्पदंश वाले स्थान के कुछ ऊपर और नीचे रस्सी, रबर या कपड़े से कसकर बांध देना चाहिए। ताकि जहर प्रभावित रक्त बाकी शरीर में न फैलने पाए।
- दंश वाले स्थान को साबुन या नमक के पानी, एक प्रतिशत पोटैशियम परमैगनेट के घोल से धोना चाहिए।
- प्रथम उपचार के बाद व्यक्ति को शीघ्र निकटतम अस्पताल या चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।
कुछ सांपों के काटने के स्थान पर निशान काफी हल्के होते हैं। देखने से पता नहीं चलता कि सांप ने डसा है अथवा नहीं। ऐसे में लक्षण देखकर इसका पता लगाया जाता है। दंश स्थान पर तीव्र जलन, तंद्रा, अवसाद, मिचली, वमन, अनैच्छिक मल-मूत्र-त्याग, अंगघात, पलकों का गिरना, किसी वस्तु का एक स्थान पर दो दिखाई देना और पुतलियों का विस्फारित होना प्रमुख लक्षण हैं। अंतिम अवस्था में बेहोशी तथा मांसपेशियों में ऐंठन शुरू हो जाती है।-डॉ. इंद्रदेव मौर्य, ईएमओ, मंडलीय जिला अस्पताल।