ठेकमा। पसिका गांव स्थित काली माता मंदिर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ का समापन मंगलवार को वैदिक रीति-रिवाजों से हुआ। यज्ञाचार्य आचार्य राजमणि मिश्रा के सान्निध्य में हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं कन्या पूजन संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर गूंज उठा। यज्ञाचार्य आचार्य राजमणि मिश्रा ने कहा कि कन्याएं मां दुर्गा की स्वरूप हैं। सनातन संस्कृति में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इससे समाज में नारी सम्मान तथा धार्मिक आस्था का संदेश मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कार और सामाजिक समरसता को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। हवन-पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें पसिका सहित आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। महायज्ञ के सफल आयोजन में व्यवस्थापक रोहित तिवारी, दीपक तिवारी, प्रमोद तिवारी, सुरेश तिवारी, हवलदार दीक्षित, शिवपूजन विश्वकर्मा, कमल तिवारी ने सक्रिय भूमिका निभाई।