यूपी चुनाव 2022: सपा से टिकट न मिलने पर पूर्व मंत्री की पत्नी का छलका दर्द, अखिलेश यादव पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
सपा ने आजमगढ़ की सात विधानसभा सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। गोपालपुर सीट से टिकट की दावेदारी कर रहीं पूर्व मंत्री वसीम अहमद की पत्नी शमा वसीम को टिकट नहीं मिला। उन्होंने अखिलेश यादव पर छल करने का आरोप लगाया है।
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समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को पूर्वांचल के आठ जिलों की 22 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इस सूची में आजमगढ़ की 10 सीटों में से सात सीटें शामिल हैं। सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का ख्वाब सजाए मैदान में उतरी पूर्व मंत्री वसीम अहमद की पत्नी शमा वसीम को टिकट न मिलने पर दर्द छलक उठा।
उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर छलने का आरोप लगाया है। गोपालपुर सीट से टिकट की दावेदारी कर रही पूर्व मंत्री शमा वसीम को समाजवादी पार्टी ने टिकट नहीं दिया। इस सीट से वर्तमान विधायक नफीस अहमद को पार्टी का टिकट मिला है।
वसीम अहमद के देहांत के बाद शमा वसीम इस सीट से टिकट मांग रही थीं। अखिलेश यादव से कई बार उनकी मुलाकात हुई। शमा वसीम का कहना है कि अखिलेश यादव ने उन्हें आश्वस्त किया था कि वह गोपालपुर सीट से उनको टिकट देंगे। उन्होंने अखिलेश यादव पर छल करने का आरोप लगाया।
वसीम अहमद को 2017 में भी नहीं मिला टिकट
उन्होंने कहा कि उनके पति समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से थे और पार्टी के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया। अस्वस्थता का हवाला देकर पिछले विधानसभा चुनाव में वसीम अहमद को टिकट नहीं दिया गया। गोपालपुर की जनता जो वसीम अहमद को हमेशा प्यार देती थी और मैं लोगों भावनाओं के अनुरूप निर्णय लूंगी।
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आजमगढ़: जानें सपा प्रत्याशियों के बारे में
दुर्गा प्रसाद यादव: नगर से सटे आहो पट्टी गांव निवासी आजमगढ़ सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव अब तक आठ बार जीत हासिल कर चुके हैं। वर्तमान में सपा के विधायक हैं। सपा सरकार में मंत्री रहे दुर्गा प्रसाद यादव कोई भी लहर हो चाहे बसपा की लहर हो या भाजपा की दुर्गा प्रसाद यादव अपनी सीट को बचाने में हर बार कामयाब रहे हैं। जिसे देखते हुए पार्टी ने उन पर विश्वास जताते हुए एक बार फिर से उम्मीदवार बनाया है।
- गोपालपुर
नफीस अहमद: गोपालपुर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक नफीस अहमद को पार्टी ने एक बार फिर अपना प्रत्याशी घोषित किया है। सगड़ी तहसील के विंदवल गांव निवासी नफीस अहमद का नाम उस समय चर्चा में आया जब 2012 के चुनाव में पार्टी ने दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री वसीम अहमद का टिकट काटकर नफीस अहमद को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत हासिल की।
डा. संग्राम यादव: अतरौलिया विधानसभा सीट से डा. संग्राम यादव सपा के वर्तमान विधायक हैं। दो बार चुनाव जीत चुके डा. संग्राम यादव पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है। वह सपा के पूर्व मंत्री और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बलराम यादव के पुत्र हैं।
- निजामाबाद
आलमबदी आजमी: सपा नेता आलमबदी आजमी वर्तमान में सपा के निजामाबाद विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनकी साफ सुथरी छवि को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। नगर के मातबरगंज मुहल्ला निवासी विधायक आलमबदी निजामाबाद से चार बार चुनाव जीतने के बाद एक बार फिर पार्टी का झंडा बुलंद करने की तैयारी में हैं।
बेचई सरोज: 2012 के सपा के टिकट पर लालगंज विधानसभा सीट से विधायक बने बेचई सरोज 2017 के विधानसभा चुनाव में आजाद अरिमर्दन से हार गए थे। लेकिन पार्टी ने एक बार फिर से उन पर भरोसा जताया है। सपा सुप्रीमो ने एक बार फिर उन्हें लालगंज विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है।
- दीदारगंज
कमलाकांत राजभर: सपा द्वारा सात सीटों पर घोषित किए गए प्रत्याशियों में एक नया चेहरा कमलाकांत राजभर का है। जो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. सुखदेव राजभर के बेटे हैं। अंतिम समय में सुखदेव राजभर ने उन्हें सपा में शामिल कराया था। पार्टी ने पिछले चुनाव में हार का सामना करने वाले आदिल शेख को टिकट नहीं दिया है। उनके स्थान पर कमलाकांत पहली बार चुनाव मैदान में होंगे।
रमाकांत यादव: पार्टी ने एक बार फिर फूलपुर-पवई विधानसभा सीट से अपने पुराने दिग्गज रमाकांत यादव को मैदान में उतारा है। रमाकांत यादव इस सीट से चार बार पहले भी विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में इस सीट से उनके पुत्र अरूणकांत यादव भाजपा के विधायक हैं।
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