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Azamgarh News: सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के लिए व्यापारी और ग्राम प्रधान आमने-सामने
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आजमगढ़। अतरौलिया क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर नगर पंचायत के व्यापारियों और ग्राम प्रधान के बीच विवाद गहरा गया है। मामला मंगलवार को जिलाधिकारी दरबार पहुंचा, जहां व्यापारियों ने सार्वजनिक जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की।
व्यापारियों ने नगर पंचायत अतरौलिया के पूरब पोखरे स्थित सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से दीवार खड़ी कर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। व्यापारियों का कहना है कि इस भूमि पर वर्षों से सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन होते आए हैं, जिनमें छठ पूजा, गाजी मियां का मेला, देव दीपावली और होलिका दहन प्रमुख हैं।
व्यापारियों ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए कहा कि उक्त जमीन ठाकुर जी मंदिर की है और मंदिर के सामने का हिस्सा भी धार्मिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि एक सप्ताह के भीतर जमीन पर दीवार खड़ी कर दी गई और पूरे परिसर को चारो तरफ से घेर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर से कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं ग्राम प्रधान दीपक सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि भूमि पर बाउंड्रीवॉल मंदिर के संरक्षण के लिए कराई गई है। इसका किसी भी प्रकार से निजी उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि यह धार्मिक स्थल की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम है।
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व्यापारियों ने नगर पंचायत अतरौलिया के पूरब पोखरे स्थित सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से दीवार खड़ी कर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। व्यापारियों का कहना है कि इस भूमि पर वर्षों से सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन होते आए हैं, जिनमें छठ पूजा, गाजी मियां का मेला, देव दीपावली और होलिका दहन प्रमुख हैं।
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व्यापारियों ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए कहा कि उक्त जमीन ठाकुर जी मंदिर की है और मंदिर के सामने का हिस्सा भी धार्मिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि एक सप्ताह के भीतर जमीन पर दीवार खड़ी कर दी गई और पूरे परिसर को चारो तरफ से घेर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर से कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं ग्राम प्रधान दीपक सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि भूमि पर बाउंड्रीवॉल मंदिर के संरक्षण के लिए कराई गई है। इसका किसी भी प्रकार से निजी उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि यह धार्मिक स्थल की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम है।