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गुरू की चरण बंदना को झुके हजारों शीश
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आजमगढ़। जिले में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। सभी ने मंदिरों में पहुंच कर पूजन किया। गुरुओं से आशीर्वाद लिया। करतालपुर स्थित राम जानकी शिव दुर्गा मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम गुरु पूजन कर उनका आशीष प्राप्त करते हुए नमन किया। स्वामी रामकृष्ण दास ने कहा कि जो अपने तेज प्रकाश से सामने वाले के अज्ञान के अंधकार को दूर कर सके, वहीं सद्गुरु है। दत्तात्रेय ने तो 24 गुरु बनाए थे क्योंकि उनमें सीखने का भाव था और उन्होंने जिससे भी सीखा उसे गुरु मान लिया। कहा कि गुरु पूर्णिमा अपने अंदर गुरु के प्रभाव को आत्मसात करने के लिए भाव उत्पंन करने का दिन होता है। सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन ने कहा कि इस दिन आदिगुरु भगवान शिव ने अपने शिष्यों को ज्ञान दिया था, महान गुरु व्यास का जन्म इसी दिन हुआ। गौतम बुद्ध ने गुरु पूर्णिमा को ही धर्म चक्र प्रवर्तन किया था। मानस भ्रमर सुधीर चंद्र त्रिपाठी ने अपने संगीतमयी प्रवचन से लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
अंबारी संवाददाता के अनुसार निर्मल आश्रम पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। भक्तों ने दैवज्ञ दुर्वासा मण्डल मुन्ना बाबा का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। कहा कि सनातन परंपरा से चली आ रही गुरुपूर्णिमा की पूजा आज भी उसी तरह से मनाते आ रहे हैं। इस दौरान श्रीदुर्वासा महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन मोनी जी महाराज के चित्र पर दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा द्वारा अपने भक्तों के साथ पूजा किया गया।
सगड़ी संवाददाता के अनुसार रजादेपुर मठ पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंगलवार से बुधवार तक अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया। गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार विधि विधान, मंत्रोच्चार के बीच गुरु पूजन आयोजित किया गया।
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महराजगंज संवाददाता के अनुसार गुरू पूर्णिमा पर काफी संख्या में भक्तों ने बाबा भैरवधाम के पवित्र सरोवर में स्नान कर फूल, माला, बताशा, नारियल व मिर्च की बोरियां हाथ में लिए बाबा के चरणों में शीश झुका कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। बाबा भैरवनाथ की अपने भक्तों के लिए बेशुमार कृपा रहती है। कुछ ऐसी ही आस्था और विश्वास से धाम पर भोर के 4 बजे मंदिर का कपाट खुलते ही भक्तों ने बाबा के चरणों में मत्था टेकना शुरू कर दिया। परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।
फूलपुर संवाददाता के अनुसर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुपूर्णिमा का त्योहार श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। भाजपा कार्यालय पर गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम आयोजित किये गए। भाजपा मंडल अध्यक्ष भानुप्रताप चौहान ने कहा कि बिना गुरु के ज्ञान संभव नहीं होता है। सरस्वती शिशु मंदिर और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय में धूम धाम से पर्व मनाया गया।
लालगंज संवाददाता के अनुसार मेंहनाजपुर में गांगी नदी के तट पर, सोनियापार में शिव मंदिर पर गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। भक्तों ने आरती उतार कर गुरु की पूजा किया। दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा तांता। लोगो ने गुरु की आराधना कर मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया।
अहरौला संवाददाता के अनुसार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मठों, मंदिरों, गुरुद्वारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने गुरु के दर्शन और पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया। सिद्ध पीठ राम जानकी आश्रम में सुबह से दूरदराज से लोग पहुंचने लगे थे।
सरायमीर संवाददाता के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर्व जय गुरुदेव आश्रम खानपुर में धूमधाम से मनाया गया। राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चंद महाराज ने लघु सत्संग में आए हुए श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि तीज- त्योहार धार्मिक आयोजन शुद्धता पवित्रता का ही संदेश देने के लिए हमारे बीच में स्थापित किए गए हैं। इसी में गुरु पूर्णिमा भी एक ऐतिहासिक महापर्व है। जो हमको धर्म गुरुओं की लौकिक शिक्षाओं के साथ-साथ एक आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है। जिससे हम अपने पारलौकिक उद्देश अपनी आत्मा का कल्याण कर सकें।
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अंबारी संवाददाता के अनुसार निर्मल आश्रम पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। भक्तों ने दैवज्ञ दुर्वासा मण्डल मुन्ना बाबा का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। कहा कि सनातन परंपरा से चली आ रही गुरुपूर्णिमा की पूजा आज भी उसी तरह से मनाते आ रहे हैं। इस दौरान श्रीदुर्वासा महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन मोनी जी महाराज के चित्र पर दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा द्वारा अपने भक्तों के साथ पूजा किया गया।
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सगड़ी संवाददाता के अनुसार रजादेपुर मठ पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंगलवार से बुधवार तक अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया। गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार विधि विधान, मंत्रोच्चार के बीच गुरु पूजन आयोजित किया गया।
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महराजगंज संवाददाता के अनुसार गुरू पूर्णिमा पर काफी संख्या में भक्तों ने बाबा भैरवधाम के पवित्र सरोवर में स्नान कर फूल, माला, बताशा, नारियल व मिर्च की बोरियां हाथ में लिए बाबा के चरणों में शीश झुका कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। बाबा भैरवनाथ की अपने भक्तों के लिए बेशुमार कृपा रहती है। कुछ ऐसी ही आस्था और विश्वास से धाम पर भोर के 4 बजे मंदिर का कपाट खुलते ही भक्तों ने बाबा के चरणों में मत्था टेकना शुरू कर दिया। परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।
फूलपुर संवाददाता के अनुसर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुपूर्णिमा का त्योहार श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। भाजपा कार्यालय पर गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम आयोजित किये गए। भाजपा मंडल अध्यक्ष भानुप्रताप चौहान ने कहा कि बिना गुरु के ज्ञान संभव नहीं होता है। सरस्वती शिशु मंदिर और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय में धूम धाम से पर्व मनाया गया।
लालगंज संवाददाता के अनुसार मेंहनाजपुर में गांगी नदी के तट पर, सोनियापार में शिव मंदिर पर गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। भक्तों ने आरती उतार कर गुरु की पूजा किया। दिन भर भक्तों का तांता लगा रहा तांता। लोगो ने गुरु की आराधना कर मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया।
अहरौला संवाददाता के अनुसार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मठों, मंदिरों, गुरुद्वारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने गुरु के दर्शन और पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया। सिद्ध पीठ राम जानकी आश्रम में सुबह से दूरदराज से लोग पहुंचने लगे थे।
सरायमीर संवाददाता के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर्व जय गुरुदेव आश्रम खानपुर में धूमधाम से मनाया गया। राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चंद महाराज ने लघु सत्संग में आए हुए श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि तीज- त्योहार धार्मिक आयोजन शुद्धता पवित्रता का ही संदेश देने के लिए हमारे बीच में स्थापित किए गए हैं। इसी में गुरु पूर्णिमा भी एक ऐतिहासिक महापर्व है। जो हमको धर्म गुरुओं की लौकिक शिक्षाओं के साथ-साथ एक आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है। जिससे हम अपने पारलौकिक उद्देश अपनी आत्मा का कल्याण कर सकें।