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ट्रांसफर के बाद रिलीव नहीं करने का चल रहा खेल, आशुलिपिक का नहीं छोड़ रहा पद

Sun, 02 Oct 2022 12:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 12:54 AM IST
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The game of not being relieved after transfer is not leaving the post of stenographer
आजमगढ़। शिक्षा विभाग में अनियमितताएं थम नहीं रहीं। एक आशुलिपिक को तीन साल बाद उसी कार्यालय में तैनाती दे दी गई जहां से वह पूर्व में निलंबित हुए थे। गलती की जानकारी होने पर अपर शिक्षा निदेशक बेसिक ने नौ अगस्त को स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद आशुलिपिक ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने भी सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। इसके बावजूद वे अपने पद पर बने हुए हैं।
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जानकारी के मुताबिक शिक्षा निदेशक बेसिक उप्र प्रयागराज ने 28 जून को पांच कर्मचारियों का स्थानांतरण किया। इसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मऊ के आशुलिपिक उमाकांत यादव का स्थानांतरण जिला विद्यालय निरीक्षक आजमगढ़ कार्यालय में किया गया। आदेशानुसार उमाकांत ने आजमगढ़ में पदभार ग्रहण किया।
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इस बीच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ के पत्र से विभाग को पता चला कि इसी पद पर रहते हुए उमाकांत को अनियमितता बरतने के कारण निलंबित किया गया था। 30 जून को विभाग को भेजे पत्र में बताया गया कि 2008 से 2017 के बीच उमाकांत यादव जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय आजमगढ़ में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने अनियमितता बरती।
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इसके बाद अपर शिक्षा निदेशक बेसिक उप्र अनिल भूषण चतुर्वेदी ने नौ अगस्त को एक पात्र जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि 28 जून 2022 के क्रम-5 पर अंकित उमाकांत यादव आशुलिपिक का स्थानांतरण बीएसए कार्यालय मऊ से डीआईओएस कार्यालय आजमगढ़ में किया गया है। यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।

इस आदेश के बाद उमाकांत ने कोर्ट का सहारा लिया ताकि वह आजमगढ़ में ही कार्य कर सकें। कोर्ट ने भी मामले की सुनवाई की और उसकी याचिका को दो सितंबर को खारिज कर दिया। कोर्ट के आदेश व अपर शिक्षा निदेशक बेसिक के आदेश के बाद भी डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने आशुलिपिक को अभी तक रिलीव नहीं किया।
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