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कटान पीड़ितों के खाते में प्रशासन ने भेजी मुआवजे का रकम

Sat, 07 Nov 2020 09:59 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2020 09:59 PM IST
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The administration sent the compensation amount to the account of the Katan victims
देवारा क्षेत्र में घाघरा की बाढ़ से हो रही कटान ।-फाइल फोटो - फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। घाघरा नदी की बाढ़ से पीड़ित कटान पीड़ितों के जख्मों पर सरकार ने मरहम लगा दिया है। सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे के बाद सामने आए 85 प्रतिशत लोगों के खाते में कटान आदि का मुआवजा पहुंच गया है।
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किसानों की फसल व कटान से विस्थापित हुए लोगों के बैंक खातों में बाढ़ राहत का पैसा लगभग पहुंच गया है। सगड़ी तहसील के प्रभावित किसानों के मुआवजे के लिए तहसील प्रशासन ने 16 करोड़ रुपये का आकलन किया गया था। इस पैसे से फसल के नुकसान और घाघरा की कटान से विस्थापित लोगों को मुआवजा देना था। इसमें से लगभग 14 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है। जबकि घाघरा की बाढ़ से प्रभावित किसानों की संख्या हजारों में है। 11308. 607 हेक्टेयर का क्षेत्रफल बाढ़ से प्रभावित रहा है। बाढ़ प्रभावित भूमि के किसानों को राहत राशि दी गई है। बाढ़ में देवारा क्षेत्र के 195 गांव प्रभावित हुए हैं। देवारा खास राजा गांव के कटान से विस्थापित हुए हरिहर, भूसी, भंवरी, जगधर, लालधर, रामनिवास, रामरक्षा, रामचंद्र आदि के खाते में कटान का पैसा पहुंच चुका है। तो वहीं जो कृषि योग्य भूमि है और घाघरा नदी के बाढ़ से शील्ट पड़ गया है। खेत में ढ़ाई से तीन फीट बालू जमा हो गया है। ऐसे किसानों में लाल बहादुर, लालचंद, जयराम, चानी, मुंशी, फुलबदन आदि हैं। जिनके खाते में पैसा पहुंच चुका है।
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कटान का सरकारी आंकड़ा
लाटघाट। तहसील प्रशासन के अनुसार 246 हेक्टेयर जमीन घाघरा नदी में समाहित हुई है। बाढ़ से कुल प्रभावित क्षेत्र 13244 हेक्टेयर, 11308 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है। 361 नावें चलाई गई हैं,195 राजस्व गांव प्रभावित रहे हैं और 63686 प्रभावित जनसंख्या रही हैं। वहीं19 प्रधानमंत्री आवास प्रभावित हुए हैं, दो निजी मकान ध्वस्त हुए हैं और 111 आवासीय मंडई भी प्रभावित हुई हैं।
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सभी 195 गांवों में राजस्व टीम लगाकर फसल की क्षति, मकान गिरने और घाघरा नदी के कटान से विस्थापित हुए लोगों की सूची तैयार करवाई। जिन किसानों ने बैंक खाते की पासबुक, आधार कार्ड और खतौनी की नकल उपलब्ध कराया और उनके खाते में पैसा भेजने का काम शुरू हुआ। अब तक 14 करोड़ से ज्यादा लगभग 85 प्रतिशत से अधिक किसानों के खाते में पैसा जा चुका है। उन्हीं किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंचा जिनके पास बुक खतौनी या आधार किसी भी पत्रावली में कोई गड़बड़ी रही। जिनको पैसा नहीं मिला जल्द ही पैसा उनके खाते में चला जाएगा।
अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम सगड़ी।
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