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आजमगढ़ में कोरोना वायरस की चेन तोड़ने को तैयार की जा रही रणनीति
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आजमगढ़। कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रणनीति तैयार की जा रही है। ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए आशाओं और परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अतरौलिया सीएचसी के प्रभारी डॉ. शिवाजी सिंह ने सोमवार को कंटेनमेंट जोन में कोरोना पॉजिटिव मरीज के सम्पर्कों की खोज का प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने बताया कि इसके पहले चरण में यह देखा जाएगा कि वह जिस घर में रह रहा है उसका कौन सबसे करीबी है। दूसरे चरण में यह देखा जाएगा कि उसके अगल-बगल में किसके यहां आना जाना है। तीसरे में जनरल स्टोर, चाय की दुकान, नाई की दुकान आदि जगहों पर उसके संपर्क देखे जाते हैं। इन तीनों बातों को ध्यान में रखकर ट्रेसिंग की जाएगी। इनकी खोज के लिए घर-घर जाकर जांच की जाएगी। ब्लाक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) सुरेश पांडे ने बताया कि कोरोना संक्रमित लोगों की ट्रेसिंग होगी। इसके लिए आशा के साथ परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को जानकारी जुटाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए 25-25 लोगों का बैच बनाया गया है। इसमें कुल 125 आशा और 125 शिक्षकों का प्रशिक्षण हुआ है। सम्पर्क में आए व्यक्ति को सर्दी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ है तो उसकी सैम्पलिंग कराई जाएगी। रिपोर्ट आने तक सभी होम क्वारंटीन रखे जाएंगे। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो कोई बात नहीं पर पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन में रखा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इसके पहले चरण में यह देखा जाएगा कि वह जिस घर में रह रहा है उसका कौन सबसे करीबी है। दूसरे चरण में यह देखा जाएगा कि उसके अगल-बगल में किसके यहां आना जाना है। तीसरे में जनरल स्टोर, चाय की दुकान, नाई की दुकान आदि जगहों पर उसके संपर्क देखे जाते हैं। इन तीनों बातों को ध्यान में रखकर ट्रेसिंग की जाएगी। इनकी खोज के लिए घर-घर जाकर जांच की जाएगी। ब्लाक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) सुरेश पांडे ने बताया कि कोरोना संक्रमित लोगों की ट्रेसिंग होगी। इसके लिए आशा के साथ परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को जानकारी जुटाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए 25-25 लोगों का बैच बनाया गया है। इसमें कुल 125 आशा और 125 शिक्षकों का प्रशिक्षण हुआ है। सम्पर्क में आए व्यक्ति को सर्दी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ है तो उसकी सैम्पलिंग कराई जाएगी। रिपोर्ट आने तक सभी होम क्वारंटीन रखे जाएंगे। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो कोई बात नहीं पर पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन में रखा जाएगा।
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