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शिया धर्मगुरु को फांसी के विरोध में धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:41 PM IST
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शिया धर्मगुरु शेख निम्र अल-निम्र सहित अन्य को फांसी का विरोध जारी है। मंगलवार को एकजुट शिया समुदाय के लोगों ने गम का प्रतीक काला लिबास पहनकर फूलपुर तहसील परिसर में धरना दिया। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों सऊदी सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी फूलपुर अमृत लाल बिंद को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए मौलाना वसी मुहम्म्द खां ने कहा कि दुनिया में फैले आतंकवाद की जड़ें सऊदी अरब में ही हैं। पाकिस्तान हमारे मुल्क को कमजोर बनाना चाह रहा है। पठानकोट मे आतंकी हमले की निंदा करते हैं। मौलाना शबीहुल हसन ने कहा कि आज से 1400 साल पहले यजीद ने मानवता को शर्मसार कर इमाम हुसैन को कत्ल कर दिया, लेकिन आज भी हुसैनियत जिंदा है और यजीद का नामोनिशान मिट गया।
मशहूद अब्बास एडवोकेट ने कहा कि शिया एक शांति प्रिय मजहब है। किसी भी मुल्क पर यदि मानवता पर आंच आती है, तो सबसे पहले शिया आगे आता है। सऊदी अरब में मानव अधिकार का हनन हो रहा है। सऊदी ने शेख निम्म्र को शहीद करके मानवता का हनन किया है।
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इसका शिया समुदाय पूरे विश्व में विरोध कर रहा है। संचालन सय्यद मेंहदी रजा ने किया। धरने में मुंतजिर हुसैन, पूर्व प्रधान रजिउल हसन, मुहम्मद हसन, अजादार, सैय्यद शमीम काजिम, शक्ति ओम चौरसिया, वसीउल हसन, मु. अब्बास, मु. राशिद, राजनारायन यादव, उमेश सिंह, हसन आजमी आदि शामिल थे।
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धरने को संबोधित करते हुए मौलाना वसी मुहम्म्द खां ने कहा कि दुनिया में फैले आतंकवाद की जड़ें सऊदी अरब में ही हैं। पाकिस्तान हमारे मुल्क को कमजोर बनाना चाह रहा है। पठानकोट मे आतंकी हमले की निंदा करते हैं। मौलाना शबीहुल हसन ने कहा कि आज से 1400 साल पहले यजीद ने मानवता को शर्मसार कर इमाम हुसैन को कत्ल कर दिया, लेकिन आज भी हुसैनियत जिंदा है और यजीद का नामोनिशान मिट गया।
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मशहूद अब्बास एडवोकेट ने कहा कि शिया एक शांति प्रिय मजहब है। किसी भी मुल्क पर यदि मानवता पर आंच आती है, तो सबसे पहले शिया आगे आता है। सऊदी अरब में मानव अधिकार का हनन हो रहा है। सऊदी ने शेख निम्म्र को शहीद करके मानवता का हनन किया है।
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इसका शिया समुदाय पूरे विश्व में विरोध कर रहा है। संचालन सय्यद मेंहदी रजा ने किया। धरने में मुंतजिर हुसैन, पूर्व प्रधान रजिउल हसन, मुहम्मद हसन, अजादार, सैय्यद शमीम काजिम, शक्ति ओम चौरसिया, वसीउल हसन, मु. अब्बास, मु. राशिद, राजनारायन यादव, उमेश सिंह, हसन आजमी आदि शामिल थे।