आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देश पर थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ अभियान चलाया। अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) की देखरेख में थाना क्षेत्र जहानागंज और सिधारी में मिठाई की दुकानों, ढाबों, रेस्तरां, ऑटोमोबाइल दुकानों, और गैरेजों पर सघन जांच की गई।
अभियान के दौरान सात बाल श्रमिकों को विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्य करते पाया गया। इन बाल श्रमिकों के परिजनों को बुलाकर चेतावनी दी गई और बच्चों को उनकी सुपुर्दगी में सौंपा गया। परिजनों को भविष्य में बच्चों से बाल श्रम न कराने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही, संबंधित प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ श्रम विभाग ने अधिनियम के उल्लंघन के लिए नियमानुसार नोटिस जारी की। संयुक्त टीम ने दुकानदारों और आम जनता को बाल श्रम के खिलाफ जागरूक करने के लिए सार्वजनिक स्थानों, मिठाई की दुकानों, रेस्तरां, ढाबों, बेकरियों, ऑटोमोबाइल दुकानों, और गैरेजों पर पोस्टर चस्पा किए। इन पोस्टरों के जरिए बाल श्रम न कराने की अपील की गई। इसके अलावा, आपातकालीन सहायता के लिए शासन और प्रशासन द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076, 181 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव, रोहित प्रताप, उपनिरीक्षक बेचू प्रसाद यादव थाना एएचटी, महिला कांस्टेबल अर्चना तिवारी, अनिल कुमार जन विकास संस्थान शामिल रहे।