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जुलूस निकाल नोटबंदी को कोसा
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 08 Nov 2017 10:59 PM IST
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नोट बंदी के विरोध में आम आदमी पार्टी ने पार्टी कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़। आप के सिविल लाइंस स्थित नगर कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने नोट बंदी के एक वर्ष पूर्ण होने पर इसे धोखा दिवस के रूप में मनाया। नगर अध्यक्ष तेजबहादुर यादव ने कहा कि नोटबंदी सिर्फ और सिर्फ कालेधन को सफेद करने की योजना थी।
इससे गरीबों का कोई भला नहीं हुआ। जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री ने कहा था कि इससे भ्रष्टाचार, आंतकवाद, नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। आज एक साल हो गया। भ्रष्टाचार और विकराल रूप धारण कर लिया है।
न आतंकवाद खत्म हुआ और न ही नक्सलवाद। नोटबंदी पूर्ण रूप से धोखा साबित हुआ है। रोहित गुप्ता, अजाद, विवेक, शाहिद खान, आदिल, मनीश, मोहम्मद आरिफ, विनय सोनकर, धर्मेन्द्र यादव, नंद सोनकर, ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव, अजीम, शैलेंद्र सिंह, मालचंद्र यादव, हबीब, रवि यादव, रितेश जायसवाल, रामरूप आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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जिला कांग्रेस कमेटी ने नोटबंदी को काला दिवस के रूप में मनाते हुए पार्टी के जिला अध्यक्ष हवलदार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से जुलूस निकाला। जुलूस नारेबाजी करता हुआ कलेक्ट्रेट कचहरी पहुंचा।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी करके सरकार ने सबसे बड़ा घोटाला किया। नोटबंदी के नाम पर गरीबों का पैसा बैंकों में जमाकर मुख्य-मुख्य पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया गया।
नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइन में खड़े होने वालों की जो मौत हुई सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया। नोटबंदी से छोटे और मझोले व्यापारी बर्बाद हो गए। इस मौके पर लालसा राय, त्रिभुवन दुबे, चंद्रपाल सिंह यादव, बेलाल अहमद, गुफरान अहमद, मुन्नू यादव, रनबहादुर सिंह, मालती मिश्रा, राम गनेश प्रजापति, संतोष सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के महामंत्री प्रवीण सिंह ने नोटबंदी के विरोध में शाम को नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइन में खड़े हो कर मरने वाले 106 लोगों को कैडिल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर मुन्नू मौर्य, डा. सुधाकर, महीश चंद्र श्रीवास्तव, राजेश मौर्य सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री का नोटबंदी का फैसला जनविरोधी और गरीबों के ऊपर वज्रपात किया जाना है। उन्होंने कहा कि देश का किसान, गरीब, मजदूर, व्यापारी केंद्र सरकार के इस तुगलकी फरमान से आज भी बदहाली की जिंदगी जी रहे है।
नोटबंदी के कहर से बेटियों की शादियां रुक गई तो वही पैसे के आभाव में अस्पतालों में मरीजों ने दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अपनों का हित साधने और विरोधियों को समाप्त करने की सोच का नतीजा नोटबंदी थी। इसी क्रम में शिब्ली नेशनल पीजी काॅलेज के छात्रों और राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद के सदस्यों ने बांध पर काली पट्टी बांध कर नोटबंधी का विरोध जताया।
नोटबंदी की वर्षगांठ पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। बताते चलें कि आठ नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी।
इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय ने कहा कि नोटबंदी के एक वर्ष पूरे होने पर पार्टी की ओर से किसी कार्यक्रम के आयोजन का निर्देश नहीं प्राप्त हुआ था। लेकिन नोटबंदी पर जनता की मोहर 2017 के विधानसभा चुनाव में ही लग चुकी है।
नोटबंदी के एक वर्ष पूरे होने पर बुधवार को सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह कमेंट और फोटो अपलोड होते रहे। जिस पर लोगों के तरह-तरह के कमेंट भी आते रहे। पूरे दिन यह दौर चलता रहा। किसी ने हजारों रूपये के नोट के चित्र पर फूलों की माला पहना कर प्रथम पुण्यतिथि लिखा तो किसी ने हजार और पांच सौ के नोटों की अर्थी सजी तस्वीर अपलोड की।
बुधवार को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आमआदमी पार्टी ने काला दिवस मनाया। जबकि भाजपा की ओर से किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। जबकि वित्तमंत्री ने इस दिन भाजपा द्वारा काले धन पर प्रहार की वर्षगांठ मनाने की बात कही थी।
बता दें बुधवार को नोटबंदी की घोषणा के बाद देश में जैसे भूचाल आ गया। अपने इन नोटों को बदलने के लिए बैंकों पर लोगों की लंबी कतार लग गई। भीड़ की अधिकता और कैश की कमी के कारण लोगों के हंगामें को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर लाठियां भी भांजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का कालेधन पर सबसे बड़ा प्रहार बताया था।
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इससे गरीबों का कोई भला नहीं हुआ। जिलाध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री ने कहा था कि इससे भ्रष्टाचार, आंतकवाद, नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। आज एक साल हो गया। भ्रष्टाचार और विकराल रूप धारण कर लिया है।
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न आतंकवाद खत्म हुआ और न ही नक्सलवाद। नोटबंदी पूर्ण रूप से धोखा साबित हुआ है। रोहित गुप्ता, अजाद, विवेक, शाहिद खान, आदिल, मनीश, मोहम्मद आरिफ, विनय सोनकर, धर्मेन्द्र यादव, नंद सोनकर, ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव, अजीम, शैलेंद्र सिंह, मालचंद्र यादव, हबीब, रवि यादव, रितेश जायसवाल, रामरूप आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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जिला कांग्रेस कमेटी ने नोटबंदी को काला दिवस के रूप में मनाते हुए पार्टी के जिला अध्यक्ष हवलदार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से जुलूस निकाला। जुलूस नारेबाजी करता हुआ कलेक्ट्रेट कचहरी पहुंचा।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी करके सरकार ने सबसे बड़ा घोटाला किया। नोटबंदी के नाम पर गरीबों का पैसा बैंकों में जमाकर मुख्य-मुख्य पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया गया।
नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइन में खड़े होने वालों की जो मौत हुई सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया। नोटबंदी से छोटे और मझोले व्यापारी बर्बाद हो गए। इस मौके पर लालसा राय, त्रिभुवन दुबे, चंद्रपाल सिंह यादव, बेलाल अहमद, गुफरान अहमद, मुन्नू यादव, रनबहादुर सिंह, मालती मिश्रा, राम गनेश प्रजापति, संतोष सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के महामंत्री प्रवीण सिंह ने नोटबंदी के विरोध में शाम को नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइन में खड़े हो कर मरने वाले 106 लोगों को कैडिल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर मुन्नू मौर्य, डा. सुधाकर, महीश चंद्र श्रीवास्तव, राजेश मौर्य सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री का नोटबंदी का फैसला जनविरोधी और गरीबों के ऊपर वज्रपात किया जाना है। उन्होंने कहा कि देश का किसान, गरीब, मजदूर, व्यापारी केंद्र सरकार के इस तुगलकी फरमान से आज भी बदहाली की जिंदगी जी रहे है।
नोटबंदी के कहर से बेटियों की शादियां रुक गई तो वही पैसे के आभाव में अस्पतालों में मरीजों ने दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अपनों का हित साधने और विरोधियों को समाप्त करने की सोच का नतीजा नोटबंदी थी। इसी क्रम में शिब्ली नेशनल पीजी काॅलेज के छात्रों और राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद के सदस्यों ने बांध पर काली पट्टी बांध कर नोटबंधी का विरोध जताया।
नोटबंदी की वर्षगांठ पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। बताते चलें कि आठ नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी।
इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय ने कहा कि नोटबंदी के एक वर्ष पूरे होने पर पार्टी की ओर से किसी कार्यक्रम के आयोजन का निर्देश नहीं प्राप्त हुआ था। लेकिन नोटबंदी पर जनता की मोहर 2017 के विधानसभा चुनाव में ही लग चुकी है।
नोटबंदी के एक वर्ष पूरे होने पर बुधवार को सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह कमेंट और फोटो अपलोड होते रहे। जिस पर लोगों के तरह-तरह के कमेंट भी आते रहे। पूरे दिन यह दौर चलता रहा। किसी ने हजारों रूपये के नोट के चित्र पर फूलों की माला पहना कर प्रथम पुण्यतिथि लिखा तो किसी ने हजार और पांच सौ के नोटों की अर्थी सजी तस्वीर अपलोड की।
बुधवार को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आमआदमी पार्टी ने काला दिवस मनाया। जबकि भाजपा की ओर से किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। जबकि वित्तमंत्री ने इस दिन भाजपा द्वारा काले धन पर प्रहार की वर्षगांठ मनाने की बात कही थी।
बता दें बुधवार को नोटबंदी की घोषणा के बाद देश में जैसे भूचाल आ गया। अपने इन नोटों को बदलने के लिए बैंकों पर लोगों की लंबी कतार लग गई। भीड़ की अधिकता और कैश की कमी के कारण लोगों के हंगामें को देखते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर लाठियां भी भांजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का कालेधन पर सबसे बड़ा प्रहार बताया था।