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परसिया रेगुलेटर में रिसाव से ग्रामीण भयभीत
आजमगढ
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:02 AM IST
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परसिया रेगुलेटर में हो रहा रिसाव।
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एक तरफ घाघरा दो गेजों पर खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है। चारों तरफ गंदगी के चलते ग्रामीणों के बच्चे बीमार भी होने लगे हैं। परसिया रेगुलेटर से रिसाव भी शुरू हो गया है लेकिन इसे बंद कराने के लिए बाढ़ खंड का कोई अधिकारी महुला-गढ़वल बांध पर दिखाई नहीं दे रहा है। इस बात को लेकर ग्रामीण भयभीत हैं।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में निरंतर वृद्घि का क्रम जारी है। नदी खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है। वहीं बांध के परिसया रेगुलेटर से रिसाव भी हो रहा है। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के चक्की हाजीपुर, शाहडीह, सोनौरा, मानिकपुर आदि गांव पूरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं।
प्रशासन भी अब हरकत में आ चुका है प्रशासन द्वारा चक्की में तीन, शाहडीह में एक और मानिकपुर के एक नाव का संचालन शुरू कर दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गांव में बिमारियों ने भी पांच पसारने शुरू कर दिए हैं। चक्की हाजीपुर में लगभग एक दर्जन बच्चे बीमार हैं। बीमार बच्चों में प्रेम ढ़ाई वर्ष, गौतम सात, बजरंगी (10), रोशनी (14), चांदनी आठ, जैशराज एक, देवराखास राजा के झंडी का पुरवा की कुसुम दो, प्रियंका दो वर्ष जुकाम, बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित हो गए हैं।
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चिकित्सा प्रभारी हरैया देवानंद यादव ने कहा कि कल से सभी की ड्यूटी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगा दी जाएगी। वैसे तो प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए 20 चौकियों का निर्माण किया है। जिसमें से 10 बाढ़ चौकियां महुला गढ़वल बांध पर बनाई गई हैं। बाढ़ चौकी महुला में पशु डाक्टर डा. चौधरी चरण सिंह और राजस्व निरीक्षक मौजूद थे। हाजीपुर और जमुआरी में भी राजस्व निरीक्षक और पशु चिकित्सक तो मौजूद थे लेकिन बाकी सभी कर्मचारी गायब थे।
बाढ़खंड विभाग का कोई अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को बंध पर नहीं दिखा। बाढ़खंड की इस उदासीनता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। एसडीएम सगड़ी सीपी सरोज ने कहा कि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी वर्तमान में खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है। जिसे देखते हुए नाव लगा दी गई है।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में निरंतर वृद्घि का क्रम जारी है। नदी खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है। वहीं बांध के परिसया रेगुलेटर से रिसाव भी हो रहा है। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के चक्की हाजीपुर, शाहडीह, सोनौरा, मानिकपुर आदि गांव पूरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं।
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प्रशासन भी अब हरकत में आ चुका है प्रशासन द्वारा चक्की में तीन, शाहडीह में एक और मानिकपुर के एक नाव का संचालन शुरू कर दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गांव में बिमारियों ने भी पांच पसारने शुरू कर दिए हैं। चक्की हाजीपुर में लगभग एक दर्जन बच्चे बीमार हैं। बीमार बच्चों में प्रेम ढ़ाई वर्ष, गौतम सात, बजरंगी (10), रोशनी (14), चांदनी आठ, जैशराज एक, देवराखास राजा के झंडी का पुरवा की कुसुम दो, प्रियंका दो वर्ष जुकाम, बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित हो गए हैं।
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चिकित्सा प्रभारी हरैया देवानंद यादव ने कहा कि कल से सभी की ड्यूटी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगा दी जाएगी। वैसे तो प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए 20 चौकियों का निर्माण किया है। जिसमें से 10 बाढ़ चौकियां महुला गढ़वल बांध पर बनाई गई हैं। बाढ़ चौकी महुला में पशु डाक्टर डा. चौधरी चरण सिंह और राजस्व निरीक्षक मौजूद थे। हाजीपुर और जमुआरी में भी राजस्व निरीक्षक और पशु चिकित्सक तो मौजूद थे लेकिन बाकी सभी कर्मचारी गायब थे।
बाढ़खंड विभाग का कोई अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को बंध पर नहीं दिखा। बाढ़खंड की इस उदासीनता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। एसडीएम सगड़ी सीपी सरोज ने कहा कि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी वर्तमान में खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है। जिसे देखते हुए नाव लगा दी गई है।