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12 लोगों की मौत से सुमेरपुर गांव में है दहशत
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बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के विकास खंड कोयलसा के कौड़िया सुमेरपुर गांव में पंचायत चुनाव के बाद से अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हुई मौतों से गांव के लोग दहशत में हैं। गांव में अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव में लोगों की जांच नहीं की गई है।
कोयलसा विकास खंड के कौड़िया सुमेरपुर गांव की आबादी 6000 के लगभग है। जिसमें 3215 मतदाता हैं। पंचायत चुनाव के समय से अब तक गांव में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें कुछ लोगों की मौत का कारण पुरानी बीमारी हैैै तो कुछ लोगों के मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। गांव में बुखार से मरने वालों में वंशी (70), तूफानी (50), बसंता (42), रोशन (56), भरत (70), कवल पत्ती (65) शामिल हैं। वही सड़क दुर्घटना व रोग से मरने वालों में कवलभान (55), धर्मराज (32) आदि शामिल हैं। लगातार हुई मौतों से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में लोग डरे हुए हैं। लोग अपने घरों के अंदर कैद हैं। लोग किसी से भी मिलने नहीं जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अभी भी गांव में लोगों की जांच पड़ताल नहीं की गई है।
गांव में हुई लोगों की मौत का कारण पता कर पाना मुश्किल है। कुछ लोगों की मौत शुगर, ब्लडप्रेशर और हार्ट अटैक से हुई। जबकि कुछ लोगों की मौत अकस्मात हुई है, जिनका इलाज भी नहीं हो पाया। कभी-कभी एक ही दिन में दो से तीन लोगों की मौत हुई हैं। वैसे अब स्थिति ठीक है क्योंकि एक सप्ताह से किसी के मौत की सूचना नहीं मिली है। हमारे द्वारा गांव को सैनिटाइज कराने के साथ ही लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।
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रणविजय राजभर, ग्राम प्रधान।
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कोयलसा विकास खंड के कौड़िया सुमेरपुर गांव की आबादी 6000 के लगभग है। जिसमें 3215 मतदाता हैं। पंचायत चुनाव के समय से अब तक गांव में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें कुछ लोगों की मौत का कारण पुरानी बीमारी हैैै तो कुछ लोगों के मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। गांव में बुखार से मरने वालों में वंशी (70), तूफानी (50), बसंता (42), रोशन (56), भरत (70), कवल पत्ती (65) शामिल हैं। वही सड़क दुर्घटना व रोग से मरने वालों में कवलभान (55), धर्मराज (32) आदि शामिल हैं। लगातार हुई मौतों से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में लोग डरे हुए हैं। लोग अपने घरों के अंदर कैद हैं। लोग किसी से भी मिलने नहीं जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अभी भी गांव में लोगों की जांच पड़ताल नहीं की गई है।
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गांव में हुई लोगों की मौत का कारण पता कर पाना मुश्किल है। कुछ लोगों की मौत शुगर, ब्लडप्रेशर और हार्ट अटैक से हुई। जबकि कुछ लोगों की मौत अकस्मात हुई है, जिनका इलाज भी नहीं हो पाया। कभी-कभी एक ही दिन में दो से तीन लोगों की मौत हुई हैं। वैसे अब स्थिति ठीक है क्योंकि एक सप्ताह से किसी के मौत की सूचना नहीं मिली है। हमारे द्वारा गांव को सैनिटाइज कराने के साथ ही लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।
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रणविजय राजभर, ग्राम प्रधान।