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आजमगढ़ः काल फारवर्ड कर बैठे अधिकारी, बात करना भी हो रहा मुश्किल
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कोरोना महामारी से निपटने के लिए आजमगढ़ डीएम एनपी सिंह दिन रात गांवों की गलियों और सड़कों की खाक छान रहे हैं। इस महामारी से हर जरूरतमंद तक जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने नोडल अधिकारियों की तैनाती कर रखी है। लेकिन यही अधिकारी फोन उठाने से कतरा रहे हैं या अपने फोन को उन्होंने फारवर्ड कर रखा है। जिसके कारण इनके नंबर पर बात करना भी मुश्किल हो रहा है।
शासन के निर्देश कि कोई भी गरीब भूखा न रहे पर डीएम एनपी सिंह हर गरीब की झोपड़ी तक राशन पहुंचाने का कार्य स्वयं कर रहे हैं। इतना ही नहीं हर कार्य की मानीटरिंग भी स्वयं कर रहे हैं। कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ पाने से इस महामारी में वंचित न रहे इसके लिए उनके द्वारा नित नई-नई योजनाएं बनाई जा रही है। उनको परवान चढ़ाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
ऐसे ही योजनाओं को परवान चढ़ाने के लिए उन्होंने कुछ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर रखा है। लेकिन इनमें से ज्यादातर अधिकारी फोन उठाने से भी कतराने लगे हैं। वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जिन्होंने कई दिनों से अपने मोबाइल को फारवर्ड कर रखा है। उनके नंबर पर काल करने पर हमेशा उनके व्यस्त होने का मैसेज प्राप्त हो रहा है। ऐसे में शासन और डीएम की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं अधिकारियों की यह कार्यशैली उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।
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शासन के निर्देश कि कोई भी गरीब भूखा न रहे पर डीएम एनपी सिंह हर गरीब की झोपड़ी तक राशन पहुंचाने का कार्य स्वयं कर रहे हैं। इतना ही नहीं हर कार्य की मानीटरिंग भी स्वयं कर रहे हैं। कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं का लाभ पाने से इस महामारी में वंचित न रहे इसके लिए उनके द्वारा नित नई-नई योजनाएं बनाई जा रही है। उनको परवान चढ़ाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
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ऐसे ही योजनाओं को परवान चढ़ाने के लिए उन्होंने कुछ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर रखा है। लेकिन इनमें से ज्यादातर अधिकारी फोन उठाने से भी कतराने लगे हैं। वहीं कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जिन्होंने कई दिनों से अपने मोबाइल को फारवर्ड कर रखा है। उनके नंबर पर काल करने पर हमेशा उनके व्यस्त होने का मैसेज प्राप्त हो रहा है। ऐसे में शासन और डीएम की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं अधिकारियों की यह कार्यशैली उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।
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