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गबन के आरोप में ओबरा के ईओ गिरफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:51 PM IST
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ईओ
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़/सोनभद्र । फूलपुर कोतवाली पुुलिस ने शुक्रवार की दोपहर सोनभद्र जिले के ओबरा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे को वहां के वीआईपी गेस्टहाउस से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उन्हें आजमगढ़ ले आई और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। ईओ पर आजमगढ़ की फूलपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर कर साढ़े छह लाख रुपये से अधिक गबन करने का आरोप है।
वर्ष 2010-11 में शिवप्रसाद जायसवाल फूलपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष और तारकेश्वरनाथ चौबे ईओ थे। आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत फूलपुर नगर पंचायत को शासन से 55 लाख 55 हजार 556 रुपये मिले जो स्टेट बैंक की फूलपुर शाखा में ईओ और अध्यक्ष के संयुक्त खाते में जमा हुए।
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इसमें से बड़ा हिस्सा तो विकास कार्यों में खर्च हो गया लेकिन लगभग साढ़े छह लाख रुपये का हिसाब नहीं मिला। आडिट में पता चला कि यह रकम ईओ के खाते में ट्रांसफर हुई है। इसके लिए जारी चेक पर नगर पंचायत अध्यक्ष शिवप्रसाद जायसवाल के भी हस्ताक्षर थे।
शिवप्रसाद ने इसे फर्जी बताते हुए गबन के लिए ईओ को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी, पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद शिवप्रसाद कोर्ट चले गए। कोर्ट के आदेश पर सात जनवरी 2013 को ईओ टीएन चौबे के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
इस बीच तारकेश्वरनाथ का स्थानांतरण सोनभद्र हो गया। वह वर्तमान में ओबरा नगर पंचायत में ईओ के पद पर तैनात हैं।
पिछले कुछ समय से सरकार के भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के दबाव के बाद इस मामले में फूलपुर कोतवाल रमायन सिंह शुक्रवार को ओबरा पहुंचे और वीआईपी गेस्टहाउस में रह रहे ईओ तारकेश्वरनाथ चौबे को गिरफ्तार कर लिया। आजमगढ़ के जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
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पुलिस उन्हें आजमगढ़ ले आई और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। ईओ पर आजमगढ़ की फूलपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर कर साढ़े छह लाख रुपये से अधिक गबन करने का आरोप है।
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वर्ष 2010-11 में शिवप्रसाद जायसवाल फूलपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष और तारकेश्वरनाथ चौबे ईओ थे। आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत फूलपुर नगर पंचायत को शासन से 55 लाख 55 हजार 556 रुपये मिले जो स्टेट बैंक की फूलपुर शाखा में ईओ और अध्यक्ष के संयुक्त खाते में जमा हुए।
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इसमें से बड़ा हिस्सा तो विकास कार्यों में खर्च हो गया लेकिन लगभग साढ़े छह लाख रुपये का हिसाब नहीं मिला। आडिट में पता चला कि यह रकम ईओ के खाते में ट्रांसफर हुई है। इसके लिए जारी चेक पर नगर पंचायत अध्यक्ष शिवप्रसाद जायसवाल के भी हस्ताक्षर थे।
शिवप्रसाद ने इसे फर्जी बताते हुए गबन के लिए ईओ को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी, पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद शिवप्रसाद कोर्ट चले गए। कोर्ट के आदेश पर सात जनवरी 2013 को ईओ टीएन चौबे के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
इस बीच तारकेश्वरनाथ का स्थानांतरण सोनभद्र हो गया। वह वर्तमान में ओबरा नगर पंचायत में ईओ के पद पर तैनात हैं।
पिछले कुछ समय से सरकार के भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के दबाव के बाद इस मामले में फूलपुर कोतवाल रमायन सिंह शुक्रवार को ओबरा पहुंचे और वीआईपी गेस्टहाउस में रह रहे ईओ तारकेश्वरनाथ चौबे को गिरफ्तार कर लिया। आजमगढ़ के जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।