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Azamgarh News: पोषण पुनर्वास केंद्र खाली, घरों में कुपोषण से लड़ रहे नौनिहाल

Tue, 29 Apr 2025 12:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:16 AM IST
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Nutrition rehabilitation centers are empty, children are fighting malnutrition at home
आजमगढ़। जिले में कुपोषण का दंश झेल रहे बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) खाली पड़ा है। अभिभावकों की अनिच्छा और जागरूकता की कमी के चलते बच्चे अस्पताल में भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। जिला कार्यक्रम विभाग के अनुसार, 2661 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी में हैं, लेकिन मार्च में केवल 21 और 28 अप्रैल तक मात्र 9 बच्चे ही एनआरसी में भर्ती हुए।
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आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता कुपोषित बच्चों की जांच कर उन्हें पौष्टिक आहार और उपचार के लिए प्रेरित करती हैं। अतिकुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल के एनआरसी में 15 दिन भर्ती कर उपचार किया जाता है। लेकिन अभिभावक रोजी-रोटी की मजबूरी के कारण बच्चों को भर्ती कराने से कतराते हैं। विभाग भी बच्चों को भर्ती कराने के लिए ठोस प्रयास नहीं कर रहा। मार्च महीने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जिले में 561041 बच्चों का वजन किया गया। इसमें छह माह से लेकर तीन वर्ष तक के 234107 और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के कुल 317166 बच्चे का वजन किया गया। इस दौरान कुल 13929 बच्चे कुपोषित पाए गए थे यानि यह बच्चे मैम श्रेणी के थे। वहीं 2661 बच्चे अति कुपोषित यानि सैम श्रेणी के बच्चे पाए गए। मार्च महीने में अभियान के दौरान 2661 बच्चे अति कुपोषित पाए गए लेकिन अगर एनआरसी सेंटर की स्थिति देखें तो मार्च महीने में 21 और अप्रैल में 28 तारीख तक मात्र नौ बच्चे की वार्ड में एडमिट हुए।
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जनवरी से लेकर अब तक भर्ती हुए मरीज
- अप्रैल में अभी तक 9 मरीज भर्ती हुए
- मार्च में 21 मरीज भर्ती हुए
- फरवरी में 21 मरीज भर्ती हुए
- जनवरी में 12 मरीज भर्ती हुए
नोट-जिला अस्पताल में 10 बेड का एनआरसी है, लेकिन वर्तमान में केवल दो अतिकुपोषित बच्चे भर्ती हैं।

एनआरसी में भर्ती होने वाले मरीजों को 14 दिन रुकना पड़ता है। बच्चों के अभिभावक गरीब तबके के होते हैं इसलिए वह काम धंधे का बहाना बनाकर यहां नहीं आना चाहते हैं। इसके लिए हमने ब्लॉकवार रोस्टर बना लिया है। हम रोस्टरवार लोगों को जागरूक कर रहे हैं।-हेमंत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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