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Azamgarh News: मानव संसाधन, उपकरण व फर्नीचर के अभाव में कई परियोजनाएं नहीं हो सकी क्रियाशील

Sat, 10 Dec 2022 06:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Dec 2022 06:30 AM IST
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Many projects could not be made functional due to lack of human resources, equipment and furniture
शहर के सिधारी स्थित पशु पालिक्निक।संवाद।-प्लान खबर की फोटो - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। जिले में विकास को रफ्तार देने के लिए कई परियोजना संचालित हो रही है। जिनमें कई ऐसी हैं जो शत प्रतिशत पूरी भी हो गई हैं, लेकिन अभी तक संसाधनों के अभाव में क्रियाशील नहीं हो सकी हैं। ऐसी परियोजना को फिर पूर्ण करने के लिए एक बार फिर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जनपद को विकास की रफ्तार देने के लिए शासन ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया। इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए करोड़ों रुपये भी खर्च किए गए। जिले की पांच परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इनमें चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की दो, वन विभाग की एक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की एक व पशुपालन विभाग की एक परियोजना शामिल है। इनमें संसाधन अभी नहीं मिल सके हैं। ताकि इन्हें क्रियाशील किया जा सके। मंडल स्तर पर पशुपालकों को बहुउद्देशीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा पाली क्लीनिक की स्थापना की जा रही है। सिधारी पर 2016-17 से आठ करोड़, 31 लाख रुपये से परियोजना का निर्माण पूरा कर लिया गया है। पशु पालन विभाग मानव संसाधन, उपकरण, फर्नीचार के अभाव के कारण इसे अभी तक क्रियाशील नहीं कर पाया। कंधरापुर क्षेत्र स्थित सेहदा जंगल में वन विश्राम गृह सारस का निर्माण 4.99 करोड़ रुपये की लागत किया गया है। मार्च 2019 में ही जनता को समर्पित कर दिया गया। इसमें भी मानव संसाधन, उपकरण व फर्नीचर का अभाव है। यहां अतिथियों को ठहरने के लिए बेहतर इंतजाम किए जाने हैं। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 100 बेड का चिकित्सालय का विस्तार किया गया है। यहां पदो के सृजन व फर्नीचर आदि की आवश्यकता है। हालांकि स्थानीय व्यवस्था पर चिकित्सालय में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। 30 बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छॉऊ को कियाशील करने के लिए पदो के सृजन व फर्नीचर एवं उपकरण आदि की आवश्यकता है। ऐसा ही दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय का निर्माण कराया गया है। जिसमें प्रधानाचार्य, अधीक्षक, वार्डेन, अध्यापक तथा कर्मचारियों की नियुक्ति होना है। अर्थ एवं संख्या अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, वन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग व पशु पालन विभाग की कुल पांच परियोजना पूरी हो चुकी है। संसाधन, उपकरण, फर्नीचर के अभाव में क्रियाशील नहीं हो पा रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
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