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‘न तेरा है, न मेरा है हिंदुस्तान सबका है..
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 23 Feb 2015 12:25 AM IST
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'एक शाम हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम' के तहत शनिवार की रात सर सैय्यद एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में कवरागहनी में आल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें दूर-दूर से आए शायरों ने कलाम पेश किए। श्रोताओं ने पूरी रात आनंद उठाया।
संचालन अनवर जलालपुरी ने किया। उन्होंने सुनाया, ‘न तेरा है न मेरा है, हिंदुस्तान सबका है, न समझ में आई बात तो नुकसान सबका है।’ शायर शाबाद आजम ने ‘तुम देख लेना, हसरते अजमत रसूल की, आएगी काम सबके, सफायत रसूल की’ सुनाया। शायर फैज ने पेश किया, ‘आज के समय में हर तरफ इश्क का दरिया है, उससे गुजर कर जाना है, और ‘ओ क्या मेरे करीब से होकर गुजर गए, आंखों की राह चुपके से दिल में उतर गए।’
असद महताब खलीलाबादी ने खुदा के सजदे में कहा कि ‘मैं सजदा कर नहीं सकता हर दरबार के आगे। हर एक सरकार झुकती है मेरे सरकार के आगे।’ वसीम रामपुरी ने सुनाया, ‘जो रहे हक पर जां अपनी लुटाने वाले, उनको पलकों पर हैं, लोग बिठाने वाले, खींचकर घर से बाहर वहीं कत्ल किए जाते हैं, डर से छुप जाते हैं जो जान बचाने वाले।’
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इसी प्रकार, बादल बलिया, अबू वफा, फैज खैरावादी ने भी अपने कलाम पेश किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जौनपुर के सदर विधायक नदीम जावेद, विशिष्ट अतिथि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, एडवोकेट जेडके फैजान और मुंबई के असिस्टेंट कमिश्नर कैसर खालिक उपस्थित थे।
नदीम जावेद ने कहा कि उर्दू भाषा हिंदुस्तान की आत्मा है क्योंकि हिंदी शरीर के रूप में कार्य करती है। रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि उर्दू भाषा मिश्री की भांति है। उसे पानी में घोल दिया जाए जो शरबत बन जाती है। कार्यक्रम के संयोजक साजिद खान आजमी थे।
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संचालन अनवर जलालपुरी ने किया। उन्होंने सुनाया, ‘न तेरा है न मेरा है, हिंदुस्तान सबका है, न समझ में आई बात तो नुकसान सबका है।’ शायर शाबाद आजम ने ‘तुम देख लेना, हसरते अजमत रसूल की, आएगी काम सबके, सफायत रसूल की’ सुनाया। शायर फैज ने पेश किया, ‘आज के समय में हर तरफ इश्क का दरिया है, उससे गुजर कर जाना है, और ‘ओ क्या मेरे करीब से होकर गुजर गए, आंखों की राह चुपके से दिल में उतर गए।’
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असद महताब खलीलाबादी ने खुदा के सजदे में कहा कि ‘मैं सजदा कर नहीं सकता हर दरबार के आगे। हर एक सरकार झुकती है मेरे सरकार के आगे।’ वसीम रामपुरी ने सुनाया, ‘जो रहे हक पर जां अपनी लुटाने वाले, उनको पलकों पर हैं, लोग बिठाने वाले, खींचकर घर से बाहर वहीं कत्ल किए जाते हैं, डर से छुप जाते हैं जो जान बचाने वाले।’
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इसी प्रकार, बादल बलिया, अबू वफा, फैज खैरावादी ने भी अपने कलाम पेश किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जौनपुर के सदर विधायक नदीम जावेद, विशिष्ट अतिथि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, एडवोकेट जेडके फैजान और मुंबई के असिस्टेंट कमिश्नर कैसर खालिक उपस्थित थे।
नदीम जावेद ने कहा कि उर्दू भाषा हिंदुस्तान की आत्मा है क्योंकि हिंदी शरीर के रूप में कार्य करती है। रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि उर्दू भाषा मिश्री की भांति है। उसे पानी में घोल दिया जाए जो शरबत बन जाती है। कार्यक्रम के संयोजक साजिद खान आजमी थे।