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सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:20 AM IST
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घाघरा में उफान
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सगड़ी तहसील के देवरांचल वासियों के लिए सिरदर्द बनी घाघरा तबाही बचाने को आतुर है। विगत कई दिनों तक स्थिर रहने के बाद इसके जलस्तर में रविवार से घटोत्तरी हो रही है लेकिन तेजी से हो रही कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं प्रशासन ने देवाराखास राजा के मुराली का पुरा और त्रिलोकी का पुरा के 18 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।
घाघरा की तबाही शुरू हो गई है। नदी तेजी से किनारे बसे पुरवों और खेती योग्य भूमि को काटती जा रही है। रविवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व सीपी गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देवारा खास राजा के मुराली का पुरा के 15 और त्रिलोकी का पुरा के तीन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया। पुरवे के रामअवध मल्लाह की मड़ई घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है।
वहीं रामअधार, रामचंद्र, रामाश्रय गोरखपुर जनपद में अपना नया आशियाना बनाने की फिराक में पलायन कर चुके हैं। एक दर्जन लोग रौनापार नई बस्ती में चले गए हैं। मुराली का पुरा के लालधर, रामदरश, रामकवल और लालबचन को अपना इंदिरा आवास भी तोड़ कर सरिया और ईंट उठा ले जाना पड़ा। जबकि उन्हें अब तक आवास की दूसरी किस्त भी नहीं मिल सकी है। घाघरा की कटान को देखते हुए उन्हें खुद अपना आशियाना उजाड़ना पड़ा।
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नदी का जलस्तर घटने के बाद भी संपर्क मार्गों पर चढ़ा बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। घाघरा का जलस्तर रविवार की शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.77 और डिघिया नाले पर 70.75 मीटर रहा। जो सोमवार की शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.59 और डिघिया नाले पर 70.55 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर डिघिया नाले पर अभी भी खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है।
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घाघरा की तबाही शुरू हो गई है। नदी तेजी से किनारे बसे पुरवों और खेती योग्य भूमि को काटती जा रही है। रविवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व सीपी गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देवारा खास राजा के मुराली का पुरा के 15 और त्रिलोकी का पुरा के तीन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया। पुरवे के रामअवध मल्लाह की मड़ई घाघरा की धारा में विलीन हो चुकी है।
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वहीं रामअधार, रामचंद्र, रामाश्रय गोरखपुर जनपद में अपना नया आशियाना बनाने की फिराक में पलायन कर चुके हैं। एक दर्जन लोग रौनापार नई बस्ती में चले गए हैं। मुराली का पुरा के लालधर, रामदरश, रामकवल और लालबचन को अपना इंदिरा आवास भी तोड़ कर सरिया और ईंट उठा ले जाना पड़ा। जबकि उन्हें अब तक आवास की दूसरी किस्त भी नहीं मिल सकी है। घाघरा की कटान को देखते हुए उन्हें खुद अपना आशियाना उजाड़ना पड़ा।
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नदी का जलस्तर घटने के बाद भी संपर्क मार्गों पर चढ़ा बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। घाघरा का जलस्तर रविवार की शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.77 और डिघिया नाले पर 70.75 मीटर रहा। जो सोमवार की शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.59 और डिघिया नाले पर 70.55 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर डिघिया नाले पर अभी भी खतरा बिंदू से ऊपर बह रही है।