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Azamgarh News: नहाने के गलत तरीके से लकवा, ब्रेन हेमरेज का खतरा, फट सकती हैं दिमाग की नसें
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31 नगर के शंकर तिराहा पर जल रहे अलाव के पास खड़े लोग। संवाद
चक्रपानपुर। सर्दी का मौसम ठंडक के साथ स्वास्थ्य के लिए कई खतरे भी लाता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर के विशेषज्ञों की माने तो ठंड में नहाने के गलत तरीके से बीपी, लकवा (स्ट्रोक) और ब्रेन हेमरेज जैसी जानलेवा बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती हैं। विशेष रूप से कम इम्युनिटी वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं तेजी से सिकुड़ जाती हैं, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अचानक सिर पर ठंडा पानी डालने से रक्त तेजी उस तरफ दौड़ता है, जिससे तेज रक्तचाप के कारण दिमाग की नसों के फटने का खतरा रहता है। रक्त का थक्का जम सकता है और ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो सकता है।
इससे लकवा मारने या दिमाग की नसें फटने का खतरा बढ़ जाता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के सीएमएस व कम्युनिटी मेडिसिन के एचओडी डॉ. शिव प्रकाश ने बताया कि बीपी और शुगर के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से ठंड का असर ज्यादा होता है। नहाने का गलत तरीका इन मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सर्दियों में नहाने की प्रक्रिया में सावधानी बरतें। कोई भी असामान्य लक्षण (सिरदर्द, चक्कर, हाथ-पैर सुन्न होना) दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं तेजी से सिकुड़ जाती हैं, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अचानक सिर पर ठंडा पानी डालने से रक्त तेजी उस तरफ दौड़ता है, जिससे तेज रक्तचाप के कारण दिमाग की नसों के फटने का खतरा रहता है। रक्त का थक्का जम सकता है और ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो सकता है।
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इससे लकवा मारने या दिमाग की नसें फटने का खतरा बढ़ जाता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के सीएमएस व कम्युनिटी मेडिसिन के एचओडी डॉ. शिव प्रकाश ने बताया कि बीपी और शुगर के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से ठंड का असर ज्यादा होता है। नहाने का गलत तरीका इन मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सर्दियों में नहाने की प्रक्रिया में सावधानी बरतें। कोई भी असामान्य लक्षण (सिरदर्द, चक्कर, हाथ-पैर सुन्न होना) दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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