{"_id":"58cc28bf4f1c1b275a32aa74","slug":"great-gurmat-sangam-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Great gurmat sangam 24","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Great gurmat sangam 24
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
निजामाबाद स्थित गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बे में स्थित गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। यहां हर साल सालाना जोड़ मेला लगता है। इस दौरान मेले में दूर-दूर से संगतों का आना-जाना लगा रहता है। इस वर्ष 24 से 26 मार्च तक सालाना महान गुरुमत समागम का आयोजन होगा। इसकी तैयारियां शुरु हो गई है। गुरुद्वारे का रंग-रोगन किया जा रहा है।
बतात दें कि निजामाबाद कस्बा स्थित गुरुद्वारा चारण पादुका साहिब का इतिहास गौरवमयी है। इस पवित्र स्थान पर गुरुनाक देव जी ने अपने चरण टिकाए थे। गुरुद्वारा साहिब से कुछ दूरी पर स्थित ऐतिहासिक नदी तमसा है। गुरुनानक देव जी जब निजामाबाद में आए तो उन्होंने भी इसी नदी के किनारे अपना डेरा डाला था। क्षेत्र के लोग प्रतिदिन सुबह नदी के किनारे पहुंच गुरु महाराज के प्रवचन को सुनते थे।
इसी प्रकार गुरु तेग बहादुर जी पटना साहिब से पंजाब जाते समय इस रास्ते से आए और यहां कुछ दिन रहे। गुरु तेग बहादुर महाराज जी ने दुख भंजन कुआं बनवाया। मान्यता है कि इस कुएं के जल से रोग दूर हो जाते हैं। वहां से जाते समय गुरु तेग बहादुर ने लोगों के आग्रह पर अपना खड़ाऊं छोड़ दिया। बताया जाता है कि भाई कान सिंह नाभा जी ने महान कोष ग्रंथ में भी इस स्थान पर गुरु साहिबों के आने की गवाही भरी है।
विज्ञापन
उधर गुरुद्वारे में सालाना महान गुरुमत समागम की तैयारियां शुरु हो गई है। तीन दिवसीय समागम में गुरु का ताल आगरा से संगत आती है और पूरा नगर भ्रमण कर जगह-जगह अपने कला कौशल का प्रदर्शन भी करती हैं। गुरुद्वारे के महंत ग्रंथि बाबा सतनाम सिंह ने बताया कि इस बार सालाना जोड़ मेले में तकरीबन 10 से 15 हजार संगतों का जमावड़ा होगा। उन्होंने बताया कि निजामाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब में 24 मार्च से तीन दिवसीय सालाना महान गुरुमत समागम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि 24 मार्च की सुबह आठ बजे से प्रारंभ श्रीअखंड पाठ साहिब जी का शुभारंभ होगा। 25 मार्च को नगर कीर्तन तथा शस्त्र कला का प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से होगा। उसी दिन रात नौ से अगले दिन भोर में चार बजे तक रैन सभाई कीर्तन होगा। 26 मार्च को सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे से संपूर्णता श्री अखंड पाठ साहिब जी के बाद कीर्तन दरबार, कथा और प्रवचन होगा।
विज्ञापन
बतात दें कि निजामाबाद कस्बा स्थित गुरुद्वारा चारण पादुका साहिब का इतिहास गौरवमयी है। इस पवित्र स्थान पर गुरुनाक देव जी ने अपने चरण टिकाए थे। गुरुद्वारा साहिब से कुछ दूरी पर स्थित ऐतिहासिक नदी तमसा है। गुरुनानक देव जी जब निजामाबाद में आए तो उन्होंने भी इसी नदी के किनारे अपना डेरा डाला था। क्षेत्र के लोग प्रतिदिन सुबह नदी के किनारे पहुंच गुरु महाराज के प्रवचन को सुनते थे।
विज्ञापन
इसी प्रकार गुरु तेग बहादुर जी पटना साहिब से पंजाब जाते समय इस रास्ते से आए और यहां कुछ दिन रहे। गुरु तेग बहादुर महाराज जी ने दुख भंजन कुआं बनवाया। मान्यता है कि इस कुएं के जल से रोग दूर हो जाते हैं। वहां से जाते समय गुरु तेग बहादुर ने लोगों के आग्रह पर अपना खड़ाऊं छोड़ दिया। बताया जाता है कि भाई कान सिंह नाभा जी ने महान कोष ग्रंथ में भी इस स्थान पर गुरु साहिबों के आने की गवाही भरी है।
विज्ञापन
उधर गुरुद्वारे में सालाना महान गुरुमत समागम की तैयारियां शुरु हो गई है। तीन दिवसीय समागम में गुरु का ताल आगरा से संगत आती है और पूरा नगर भ्रमण कर जगह-जगह अपने कला कौशल का प्रदर्शन भी करती हैं। गुरुद्वारे के महंत ग्रंथि बाबा सतनाम सिंह ने बताया कि इस बार सालाना जोड़ मेले में तकरीबन 10 से 15 हजार संगतों का जमावड़ा होगा। उन्होंने बताया कि निजामाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब में 24 मार्च से तीन दिवसीय सालाना महान गुरुमत समागम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि 24 मार्च की सुबह आठ बजे से प्रारंभ श्रीअखंड पाठ साहिब जी का शुभारंभ होगा। 25 मार्च को नगर कीर्तन तथा शस्त्र कला का प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से होगा। उसी दिन रात नौ से अगले दिन भोर में चार बजे तक रैन सभाई कीर्तन होगा। 26 मार्च को सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे से संपूर्णता श्री अखंड पाठ साहिब जी के बाद कीर्तन दरबार, कथा और प्रवचन होगा।