फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Four houses covered in Ghaghara's stream, 10 at the mouth of Katan

घाघरा की धारा में समाए चार घर, 10 कटान के मुहाने पर

Mon, 23 Aug 2021 11:11 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 11:11 PM IST
विज्ञापन
Four houses covered in Ghaghara's stream, 10 at the mouth of Katan
देवारा क्षेत्र के बगहवा में घाघरा की कटान। - फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। घाघरा नदी की विनाशलीला जारी है। सोमवार को नदी ने बगहवा के चार घरों को काटकर अपने आगोश में ले लिया। वहीं नदी के जलस्तर में सोमवार को बदरहुंआ गेज पर बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जलस्तर में बढ़ोत्तरी के साथ ही कटान तेज हो गई है।
विज्ञापन

घाघरा नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी धीरे-धीरे निकलने लगा है। इसके साथ ही लोगों के सामने नई समस्याएं आ खड़ी हुई हैं। देवारा खास राजा के बगहवा के चार घर राजनारायण, शिव लखन, राम लखन और रोपण के घर घाघरा में विलीन हो गए हैं। वहीं 10 घर कटने के कगार पर हैं। जिसमें गिरजा, राजाराम, सूर्यभान, उदयभान, रमाकांत, बुधराम, राघव प्रसाद, रामधन, जाधव आदि के घर कटान के मुहाने पर है। घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। जिन इलाकों से पानी निकल रहा है, वहां गंदगी और दुर्गंध से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। साफ-सफाई और दवाओं का छिड़काव अब तक नहीं हो सका है। बाढ़ के पानी के गांव में फैलने के कारण कई संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों को आने-जाने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि पहली बार ऐसे देखने को मिल रहा है कि पीड़ितों को अपने ही हाल पर जीने के लिए छोड़ दिया गया है। इसको लेकर काफी रोष है। पूर्व प्रधान ग्राम सभा बांका कुशहर ने बताया कि गांव से बाढ़ का पानी निकल चुका है। सड़कों पर काफी कीचड़ होने के कारण आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों के आसपास जो पानी जमा हुआ है उससे दुर्गंध उठने लगी है। संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा है। गांगेपुर के रामनिवास यादव ने कहा कि बाढ़ कटान रोकने के नाम पर गांगेपुर रिंग बांध से तीन ठोकर निर्माण में 11.8 करोड़ की परियोजना बनाई गई। कार्य मानक के अनुरूप व समय से न होने के कारण गांव के किसानों की खेती वाली जमीन घाघरा की लहरों में समाती चली जा रही है। पानी निकलने के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता के चलते न तो गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव हुआ ना स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार घटाव-बढ़ाव का सिलसिला जारी है। बाढ़ के पानी से तटवर्ती गांवों के धान, अरहर, सब्जी आदि फसल डूब कर बर्बादी के कगार पर है। बाढ़ खंड अवर अभियंता राम विजय यादव ने बताया कि घाघरा की कटान रात में हुई है। बंबू क्रेट गैरेबियान बराबर डाला जा रहा है। और कटान में दबते जा रहे हैं। अवर अभियंता वर्मा, संजय, सहायक अभियंता धनंजय यादव आदि ने बताया कि हम लोग बराबर नजर बनाए हुए हैं नदी का स्वभाव ही है। काफी हद तक सफलता मिल गई है। रिंग बांध सुरक्षित है।
विज्ञापन

घाघरा नदी का जलस्तर मीटर में
गेज रविवार सोमवार खतरा बिंदू
डिघिया 71.72 70.87 70.40
बदरहुंआ 71.40 71.52 71.68
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed