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Azamgarh :अंतरराज्यीय साल्वर गैंग के मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार, छह फरार

Mon, 06 Jan 2025 05:45 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Mon, 06 Jan 2025 05:45 PM IST
सार

पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अंतरराज्यीय साल्वर गैंग के मुख्य आरोपी सहित चार आरोपी गिरफ्तार किए गए और छह फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थियों से पांच से 10 लाख रुपये की डील करते थे और इसके बदले अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे से परीक्षा दिला रहे थे।

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Four arrested including the main accused of interstate solver gang
पुलिस की गिरफ्त में साल्वर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

आजमगढ़ शहर कोतवाली व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा सोमवार को बाग लखराव पुल के पास से प्रतियोगी परीक्षाओं के अंतर्राज्यीय साल्वर गैंग के मुख्य आरोपी समेत कुल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से एक कार, छह मोबाइल, एक कूटरचित आधार कार्ड, तीन एडमिट कार्ड व एक प्रश्न पुस्तिका बरामद किया। वहीं छह आरोपी अभी फरार हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। फरार आरोपियों में चार बिहार और दो गाजीपुर जनपद के निवासी हैं।

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पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने बताया कि पकड़े गए आरोपी रामप्रवेश यादव निवासी चितावन पट्टी थाना जमानिया जनपद गाजीपुर ने बताया कि दुर्गेश तिवारी बिहार के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों के स्थान पर बैठने के लिए साल्वर की व्यवस्था कराता है। इसमें विक्की कुमार की सहायता से परीक्षार्थियों के आधार कार्ड में फोटो परिवर्तित कराकर साल्वर को बैठने के लिए भेजता है।
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राम प्रवेश यादव ने यह भी बताया कि वर्ष 2021 के पूर्व से ही नौकरी दिलाने के लिए लोगों को फंसाता था और उनसे डील करके उनके स्थान पर साल्वर को बैठाकर परीक्षा दिलवाता था। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के स्थान पर साल्वर बैठाकर फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने का कार्य सभी लोग मिल करते हैं । बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। अपने संगठित गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर पूर्व से ही फर्जी तरीके से प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर को बैठाकर यह कार्य सभी मिल कर रहे हैं।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर को बैठाने के नाम पर लगभग 10 लाख रुपये में डील तय होती थी। इसमें से दो लाख रुपये परीक्षा देने से पहले व शेष रुपये परीक्षा देने के बाद लिए जाते थे। उक्त कार्य में दुर्गेश तिवारी मुख्य भूमिका अदा करता था। दुर्गेश तिवारी बिहार से साल्वर व फर्जी आधार कार्ड तैयार कराकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए साल्वर की व्यवस्था करता है।

बताया कि उत्तर प्रदेश में वह, सुनील कन्नौजिया, बबलू यादव, श्रवण कुमार यादव, सूर्यकांत कुशवाहा उर्फ पिंटू प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए परीक्षार्थियों व कंडीडेट की तलाश कर उनके साथ डील कर दुर्गेश तिवारी के साथ मिलकर योजना बनाकर फर्जी तरीके से परीक्षार्थियों के स्थान पर साल्वर बैठाने का कार्य किया जाता है। पुलिस ने बताया कि चार जनवरी को बिहार के कदम कुआं पटना थाना क्षेत्र के असनिया कुआं निवासी साल्वर विकास कुमार उर्फ राकेश कुमार बिहार को गिरफ्तार किया गया।

पांच जनवरी को गाजीपुर जनपद के नंदगंज थाना क्षेत्र के मऊपारा देवकली गांव निवासी अनुप सागर को गिरफ्तार किया गया जो पक्षार्थी है। वहीं, छह जनवरी को गाजीपुर जनपद के जमानिया थाना क्षेत्र के चितावन पट्टी गांव निवासी रामप्रवेश यादव, गाजीपुर के शहर कोतवाली चौकिया निवासी सुनील कन्नौजिया, बिहार के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी साल्वर अंकित गुप्ता व गाजीपुर जनपद के सादात थाना क्षेत्र के डोरा गांव निवासी अमित कुमार कन्नौजिया को गिरफ्तार किया।


ये आरोपी चल रहे फरार 
एसपी हेमराज मीना ने बताया कि इस मामले में कुल छह लोगों नाम प्रकाश में आया है जो अभी फरार चल रहे हैं। इनमें बिहार के दुर्गेश तिवारी, गाजीपुर के जंगीपुर बब्लू यादव, गाजीपुर जनपद के बिरनो थाना क्षेत्र के बिहरा निवासी श्रवण कुमार, गाजीपुर कोतवाली अन्धौन गांव निवासी सूर्यकांत कुशवाहा उर्फ पिंटू, विक्की कुमार बिहार, अमित बिहार शामिल है। ये सभी दुर्गेश तिवारी व विक्की के साथ मिलकर साल्वर की व्यवस्था करने का कार्य करते हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।


ऐसे खुला राज
जानकारी मुताबिक शिब्ली नेशनल डिग्री कालेज के केंद्राध्यक्ष प्रोफेसर अफसर अली ने तहरीर दी थी। बताया कि शिब्ली नेशनल कालेज परीक्षा केंद्र में यूपीसीसीएससीआर 2024-25 की परीक्षा संचालित की जा रही थी। इसमें चार जनवरी 2025 को प्रथम पाली की परीक्षा में कक्ष संख्या-103 में अनूप सागर पुत्र निवासी मऊपारा, देवकली गाज़ीपुर सामिलित हुआ। उस अभ्यर्थी का आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया में केवाईसी अपडेट न हो पाने के कारण डाटा का मिलान नहीं हो पा रहा था।


संदेहवश जब पूछा गया तो पहले स्वीकार करने से मना कर दिया एवं स्वयं को अनूप सागर बताया लेकिन जब परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस बल की सहायता से सख्ती से पूछताछ की गई तो उक्त सम्मिलित अभ्यर्थी ने अपना सही नाम विकास कुमार निवासी असनिया कुआं, थाना कदम कुआं, पटना, बिहार बताया। अनूप सागर के स्थान पर फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा में शामिल विकास कुमार ने यह भी बताया कि कुछ पैसों के बदले उसने यह काम किया है। पुलिस ने इसी के आधार पर पूरी कार्रवाई की।

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