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जिम्मेदारी हो गई पूरी पर भूल गए कर्तव्य
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:04 AM IST
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पौधरोपण
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शासन के निर्देश पर जनपद में पौधे लगाने के निर्धारित लक्ष्य को वन विभाग ने पूरा कर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर दिया लेकिन विभाग पौधे की सुरक्षा को लेकर अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं कर सका। जनपद में जितने भी पौधे लगाए गए किसी पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड नहीं लगाए गए।
एक साथ पूरे प्रदेश में करोड़ों पौधे लगाकर विश्व रिकार्ड कायम करने की ललक में शासन ने सभी जनपदों को पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया। इसी क्रम में जनपद में पांच लाख 65 हजार 425 पौधे का लक्ष्य दिया गया। देर शाम वन विभाग की टीम ने इस लक्ष्य को पूरा भी कर लिया। पौधे लगाकर वन विभाग की टीम ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन तो कर लिया लेकिन पौधों के प्रति अपने कर्तव्य को भूल गया।
अगर यही हाल रहा तो कुछ दिन बाद लगाए गए स्थान पर एक भी पौधे नहीं दिखेंगे क्योंकि विभाग द्वारा पौधों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतना ही नहीं, जिन पेड़ों को जनप्रतिनिधियों और माननीयों ने लगाया उन पौधों को वहां तो पानी दिया गया लेकिन जिन पौधों को वनकर्मियों ने लगाया। उन पौधों को पानी भी नसीब नहीं हुआ। जैसे-तैसे गड्ढे खोदकर उनमें पौधों को रखकर ऊपर से मिट्टी से भर दिया गया।
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अभियान को पूरा करने के लिए सिर्फ दिखावा ही था। हकीकत में हरियाली को संरक्षित करने की बात नहीं दिखी। कुछ ऐसा ही नजारा अहरौला विकास खंड के पक्खनपुर में तमसा नदी के किनारे लगाए पौधों में देखने को मिला। वहां पर लगाए गए किसी भी पौधे में पानी तक नहीं डाला गया है और ना ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं। इन पौधों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है।
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एक साथ पूरे प्रदेश में करोड़ों पौधे लगाकर विश्व रिकार्ड कायम करने की ललक में शासन ने सभी जनपदों को पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया। इसी क्रम में जनपद में पांच लाख 65 हजार 425 पौधे का लक्ष्य दिया गया। देर शाम वन विभाग की टीम ने इस लक्ष्य को पूरा भी कर लिया। पौधे लगाकर वन विभाग की टीम ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन तो कर लिया लेकिन पौधों के प्रति अपने कर्तव्य को भूल गया।
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अगर यही हाल रहा तो कुछ दिन बाद लगाए गए स्थान पर एक भी पौधे नहीं दिखेंगे क्योंकि विभाग द्वारा पौधों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतना ही नहीं, जिन पेड़ों को जनप्रतिनिधियों और माननीयों ने लगाया उन पौधों को वहां तो पानी दिया गया लेकिन जिन पौधों को वनकर्मियों ने लगाया। उन पौधों को पानी भी नसीब नहीं हुआ। जैसे-तैसे गड्ढे खोदकर उनमें पौधों को रखकर ऊपर से मिट्टी से भर दिया गया।
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अभियान को पूरा करने के लिए सिर्फ दिखावा ही था। हकीकत में हरियाली को संरक्षित करने की बात नहीं दिखी। कुछ ऐसा ही नजारा अहरौला विकास खंड के पक्खनपुर में तमसा नदी के किनारे लगाए पौधों में देखने को मिला। वहां पर लगाए गए किसी भी पौधे में पानी तक नहीं डाला गया है और ना ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं। इन पौधों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है।