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घाघरा में उफान, सहमे लोग
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Tue, 05 Jul 2016 12:05 AM IST
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घाघरा में उफान
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जनपद में उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा एक बार तबाही मचाने को तैयार है। नदी के जलस्तर में प्रतिघंटे एक सेमी की बढ़ोतरी हो रही है, जिसे देख देवारावासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर बहने वाली घाघरा में उफान से हर वर्ष तबाही होती है। नदी के तटों पर फैले पानी और बहाव को देखकर देवारावासियों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। नदी के आसपास क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गया है। इसके कारण क्षेत्र के चक्की हाजीपुर, भदौरा मकरंद, देवाराखास राजा, बाका बूढ़नपट्टी, सोनौरा, मानिकपुर, मसुरियापुर, झनझनपुर आदि गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालय जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पशुपालकों को अपने पशुओं के चारे की व्यवस्था करना भी भारी पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन द्वारा स्थापित बाढ़ चौकियों का अभी तक संचालन नहीं हो रहा है। वहीं, नदी के जलस्तर पर प्रतिघंटे एक सेमी की बढ़ोत्तरी हो रही है। इसे देख देवारावासियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं, प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। सोमवार की सुबह आठ बजे बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 69.10 मीटर और शाम चार बजे 69.22 मीटर रिकार्ड किया गया।
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वहीं, डिघिया गेज पर सुबह आठ बजे जलस्तर 68.42 मीटर और शाम चार बजे 68.54 मीटर दर्ज किया गया। दोनों गेज पर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक नदी के जलस्तर में 12 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। बदरहुंआ गेज पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर और डिघिया गेज पर 70.40 मीटर है।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर बहने वाली घाघरा में उफान से हर वर्ष तबाही होती है। नदी के तटों पर फैले पानी और बहाव को देखकर देवारावासियों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। नदी के आसपास क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गया है। इसके कारण क्षेत्र के चक्की हाजीपुर, भदौरा मकरंद, देवाराखास राजा, बाका बूढ़नपट्टी, सोनौरा, मानिकपुर, मसुरियापुर, झनझनपुर आदि गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालय जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पशुपालकों को अपने पशुओं के चारे की व्यवस्था करना भी भारी पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन द्वारा स्थापित बाढ़ चौकियों का अभी तक संचालन नहीं हो रहा है। वहीं, नदी के जलस्तर पर प्रतिघंटे एक सेमी की बढ़ोत्तरी हो रही है। इसे देख देवारावासियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं, प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। सोमवार की सुबह आठ बजे बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 69.10 मीटर और शाम चार बजे 69.22 मीटर रिकार्ड किया गया।
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वहीं, डिघिया गेज पर सुबह आठ बजे जलस्तर 68.42 मीटर और शाम चार बजे 68.54 मीटर दर्ज किया गया। दोनों गेज पर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक नदी के जलस्तर में 12 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। बदरहुंआ गेज पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर और डिघिया गेज पर 70.40 मीटर है।